नई दिल्ली: पूरी दुनिया नए साल में प्रवेश कर चुका है. गुरुवार की सुबह के साथ साल 2026 की भी शुरुआत हो गई. लेकिन नए साल में भी दिल्ली के लिए कुछ नहीं बदला. साल की शुरुआत दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए बिल्कुल भी राहत भरी नहीं रही.
नए साल की पहली सुबह ही राजधानी घने कोहरे और गंभीर प्रदूषण की चपेट में नजर आई. हालात ऐसे रहे कि लोगों को सांस लेने में तकलीफ महसूस हो रही थी इतना ही नहीं बल्कि लोगों का सड़कों पर चलना भी मुश्किल हो रहा है.
नए साल की सुबह दिल्ली के कई इलाकों में कोहरा बेहद घना रहा. दृश्यता इतनी कम थी कि कई जगह सामने की चीजें 50 मीटर दूर से भी साफ दिखाई नहीं दे रही थीं. सफदरजंग और पालम जैसे इलाकों में हालात सबसे ज्यादा खराब रहे. कोहरे के कारण गाड़ियों की रफ्तार धीमी हो गई और सुबह के समय यातायात प्रभावित हुआ.
दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 450 से ऊपर पहुंच गया, जो बेहद खतरनाक श्रेणी में आता है. इतनी खराब हवा में कुछ समय तक रहना भी सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है. लोगों को आंखों में जलन, गले में खराश और सांस लेने में परेशानी जैसी समस्याएं होने लगी हैं. बच्चों और बूढ़ों के लिए तो इसमें बहुत ही सावधानी के साथ रहना चाहिए.
मौजूद हवा में PM2.5 और PM10 जैसे प्रदूषक कण सामान्य से कई गुना ज्यादा पाए गए. ये कण सीधे फेफड़ों में जाकर लोगों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाते हैं. मौसम विभाग के अनुसार ठंडी और स्थिर हवा के कारण अगले दो दिनों तक प्रदूषण में ज्यादा सुधार की उम्मीद नहीं है. तो नए साल में भी दिल्ली वासियों को प्रदुषण से राहत नहीं मिली है.
घने कोहरे का असर सड़क और हवाई यातायात पर भी पड़ा. कई उड़ानों के समय में बदलाव करना पड़ा और हाईवे पर भी वाहन की रफ्तार धीमी देखने को मिली. इन सबके बीच ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है. साथ ही संयम के साथ इस स्थिती से जूझने को कहा है.