दिव्या हत्याकांड की गुत्थी उलझी, क्या मानस और उसकी बहन की भी हुई थी हत्या?

दिव्या की बहन और प्रज्ञा मिश्रा ने X पर कई गंभीर सवाल उठाते हुए पुलिस से मामले की निष्पक्ष और गहराई से जांच की मांग की है। प्रज्ञा का कहना है कि मामला जितना सीधा दिखाई दे रहा है, वास्तव में उतना सरल नहीं है। 

Date Updated Last Updated : 24 August 2026, 04:34 PM IST
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Courtesy: Pinterest

लखनऊ: राजधानी लखनऊ में आईसीआईसीआई बैंक की महिला अधिकारी दिव्या मिश्रा की हत्या और उसके बाद हुई संदिग्ध मौतों के मामले ने बेहद उलझा हुआ और पेचीदा रूप ले लिया है। गुरुवार को दिव्या के पति मानस ने बैंक के बाहर गोली मारकर उसकी हत्या कर दी थी। इसके बाद जब पुलिस मानस को गिरफ्तार करने उसके घर पहुंची, तो वहां का नजारा देखकर स्तब्ध रह गई। मकान के भीतर दो और शव बरामद हुए, एक मानस का और दूसरा उसकी मानसिक रूप से बीमार बहन शीबा का। शुरुआती जांच में पुलिस ने इसे हत्या के बाद मानस का सुसाइड माना था, लेकिन अब इस पूरे घटनाक्रम में किसी तीसरे शख्स की मौजूदगी और बड़ी साजिश की आशंका गहराने लगी है।

बेहद रहस्यमयी है यह मर्डर मिस्ट्री

दिव्या की बहन और प्रज्ञा मिश्रा ने X पर कई गंभीर सवाल उठाते हुए पुलिस से मामले की निष्पक्ष और गहराई से जांच की मांग की है। प्रज्ञा का कहना है कि मामला जितना सीधा दिखाई दे रहा है, वास्तव में उतना सरल नहीं है। 

उनके मुताबिक, तीनों पीड़ितों को बेहद करीब से सिर में गोली मारी गई, जो किसी सोची-समझी साजिश की ओर इशारा करता है। क्या मानस ने पहले दिव्या की हत्या की और इसके बाद किसी तीसरे व्यक्ति ने मानस और उसकी बहन शीबा को मारकर पूरी वारदात को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की?

गायब 45 मिनट और ऑटो के सफर पर सवाल

प्रज्ञा ने घटना के समय को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि बैंक से घर की दूरी महज 10-15 मिनट की है, लेकिन दिव्या की हत्या के बाद मानस को घर पहुंचने में करीब 35-45 मिनट लगे। इस दौरान वह कहां था और किससे मिला, इसकी जांच जरूरी है। हत्या के बाद उसका ऑटो से भागना और घटनास्थल के आसपास घूमना भी संदेह पैदा करता है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं घर में कोई ऐसा रास्ता तो नहीं था, जिससे कोई तीसरा व्यक्ति अंदर आया और वारदात को अंजाम देकर बाहर निकल गया।

अंग्रेजी स्टेटस की टाइमिंग पर भी संदेह

हत्या के बाद मानस के व्हाट्सऐप स्टेटस पर अंग्रेजी में एक मैसेज पोस्ट किया गया, जिसमें दिव्या पर धोखा देने का आरोप लगाया गया था। प्रज्ञा ने सवाल उठाया कि मानस आमतौर पर हिंग्लिश में लिखता था, तो अचानक शुद्ध अंग्रेजी में यह स्टेटस किसने अपडेट किया? 
उन्होंने कहा कि दोनों के बीच पहले से तलाक का मामला चल रहा था। अगर मानस के पास दिव्या की बेवफाई के सबूत थे, तो वह उन्हें अदालत में पेश कर सकता था। ऐसे में ‘चीट’ शब्द के इस्तेमाल की टाइमिंग भी सवाल खड़े करती है।

हथियारों की बरामदगी ने बढ़ाया रहस्य

प्रज्ञा ने हथियारों की बरामदगी पर सवाल उठाते हुए पूछा कि मानस के पास दो पिस्टल और एक देसी तमंचा कहां से आए और इन्हें किसने उपलब्ध कराया। उन्होंने कथित डेढ़ करोड़ रुपये के स्त्रीधन को लेकर भी साजिश की आशंका जताई। पुलिस मानस के कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) खंगाल रही है, जिसमें किसी तीसरे संदिग्ध के शामिल होने के सुराग मिलने की बात सामने आई है। पुलिस की विशेष टीम आईसीआईसीआई बैंक जाकर भी पूछताछ कर सकती है। प्रज्ञा ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर मामला उच्च स्तरीय स्वतंत्र एजेंसी को सौंपा जाए।

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