फ्लाईओवर के पिलर पर घर का वीडियो वायरल, देखकर उड़ जाएंगे होश; जानें क्या है सच्चाई

फ्लाईओवर के पिलर पर परिवार के रहने का दावा करने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. जांच में सामने आया कि यह भारत या नाइजीरिया की घटना नहीं, बल्कि AI से बनाया गया फर्जी वीडियो है.

Date Updated Last Updated : 24 August 2026, 04:24 PM IST
फॉलो करें:
Courtesy: X/ @drdileepjnu

नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक हैरान करने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. बता दें, वीडियों में  एक परिवार फ्लाईओवर के बेहद ऊंचे कंक्रीट पिलर पर अपना घर बसाए हुए दिखाई देता है. वीडियो में टीवी, कपड़े और पानी के कंटेनर जैसी रोजमर्रा की चीजें भी नजर आती हैं. इसे देखकर कई यूजर्स ने इसे गरीबी से जोड़ते हुए भारत की घटना बताया, जबकि कुछ पोस्ट में इसे नाइजीरिया वीडियो बताया जा रहा है. वहीं अब वीडियो की जांच में सामने आया कि वायरल वीडियो किसी वास्तविक घटना का हिस्सा नहीं है. बल्कि यह क्लिप AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से तैयार की गई है. 

वीडियो में क्या दिख रहा है?

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे करीब 15 सेकंड के इस वीडियो में एक महिला ऊंचे पिलर पर कपड़े सुखाती दिखाई देती है, जबकि दो पुरुष वहां बैठे नजर आते हैं. इस दौरान आसपास टीवी, पानी के कंटेनर और दूसरे सामान रखे हुए हैं. सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने इसे मजाकिया अंदाज में ‘बिना लिफ्ट वाला फर्स्ट फ्लोर फ्लैट’ जैसे कैप्शन के साथ भी शेयर किया गया. 

फ्लाईओवर के पिलर में बस गई पूरी गृहस्थी, वीडियो देखकर लोग हैरान! 😂

बाकी सब तो ठीक है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि ये परिवार ऊपर पहुंचा कैसे होगा? 😂😂😂

ना ऊपर जाने के लिए कोई सीढ़ी दिखाई दे रही है और ना ही कोई दूसरी व्यवस्था। फिर भी फ्लाईओवर के पिलर के खाली हिस्से में… pic.twitter.com/kQ4Rt3Ul0J

— Dr. Dileep Maurya (@drdileepjnu) August 24, 2026

शुरुआत में कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में इसे भारत का वीडियो बताया गया था. लेकिन बाद में इसे नाइजीरिया के लागोस से जोड़कर भी दावे किए जाने लगे. हालांकि, इन दावों के समर्थन में कोई विश्वसनीय प्रमाण नहीं मिला. 

जांच में सामने आया फर्जीवाड़ा

वायरल क्लिप को AI डिटेक्शन टूल्स से जांचने पर इसके AI-generated होने की संभावना बेहद ज्यादा पाई गई. रिपोर्ट के मुताबिक, वीडियो के करीब 97 प्रतिशत हिस्से के AI से तैयार होने का संकेत मिला है. इसके साथ ही वीडियो को ध्यान से देखने पर भी कई गड़बड़ियां नजर आती हैं. खास तौर पर बैकग्राउंड में चलती गाड़ियों वाले सीन्स भी असामान्य से नजर आते है. कुछ वाहन पिलर के बीच से गुजरते या एक-दूसरे के आर-पार होते हुए नजर आते हैं, जो वास्तविक वीडियो में संभव नहीं है. इसके अलावा इतनी ऊंचाई पर बिना सीढ़ी, लिफ्ट या किसी सुरक्षित रास्ते के भारी सामान पहुंचाना भी आम नहीं लगता है. 

क्या निकला निष्कर्ष?

फैक्ट चेक में सामने आया कि फ्लाईओवर के पिलर पर परिवार के रहने का दावा फर्जी है. यह भारत या नाइजीरिया की किसी वास्तविक घटना का वीडियो नहीं, बल्कि AI की मदद से तैयार की गई एक काल्पनिक क्लिप है. ऐसे वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो सकते हैं, इसलिए किसी भी चौंकाने वाले दावे को बिना सत्यापन के शेयर करने से बचना जरूरी है. 

सम्बंधित खबर