भगवंत मान सरकार लोगों तक उन्नत सुपर-स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवा पहुंचाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध : डॉ. बलबीर सिंह

पंजाब के सरकारी सुपर-स्पेशियलिटी संस्थान पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज (पीआईएलबीएस), मोहाली ने एक सप्ताह के भीतर तीन सफल लिवर ट्रांसप्लांट सर्जरी कर राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।

Date Updated Last Updated : 21 August 2026, 10:37 AM IST
फॉलो करें:
Courtesy: AAP

चंडीगढ़: पंजाब के सरकारी सुपर-स्पेशियलिटी संस्थान पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज (पीआईएलबीएस), मोहाली ने एक सप्ताह के भीतर तीन सफल लिवर ट्रांसप्लांट सर्जरी कर राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यह उपलब्धि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में अत्याधुनिक ट्रांसप्लांट सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।

पीआईएलबीएस में मीडिया से बातचीत के दौरान स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान और उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि एक सप्ताह में तीन सफल लिवर ट्रांसप्लांट होना पंजाब के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि यह मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार की सरकारी संस्थानों के माध्यम से लोगों को आधुनिक सुपर-स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

मंत्री ने बताया कि हाल में हुए तीनों ट्रांसप्लांट में परिवार के सदस्यों ने अपने प्रियजनों की जान बचाने के लिए अंगदान किया। इनमें एक पत्नी ने अपने पति, एक मां ने अपनी बेटी और एक बेटे ने अपने पिता को लिवर का एक हिस्सा दान किया।

डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “ये मामले केवल चिकित्सा क्षेत्र की सफलता नहीं हैं, बल्कि प्यार, त्याग और पारिवारिक रिश्तों की मजबूती की मिसाल भी हैं। ऐसे नि:स्वार्थ प्रयास गंभीर लिवर बीमारी से जूझ रहे मरीजों को नई उम्मीद और जीवन देते हैं।” इन तीन नई सर्जरियों के साथ पीआईएलबीएस मोहाली में अब तक कुल पांच सफल लिवर ट्रांसप्लांट किए जा चुके हैं। इसे पंजाब की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

लिवर ट्रांसप्लांट सेवाओं का हब बनेगा पीआईएलबीएस

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि पंजाब सरकार पूरे राज्य में लिवर ट्रांसप्लांट सेवाओं को विस्तार देने के लिए एक व्यापक मॉडल पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में हब-एंड-स्पोक मॉडल तैयार किया जा रहा है।

इस मॉडल के तहत पीआईएलबीएस मोहाली को मुख्य हब बनाया जाएगा, जबकि सरकारी मेडिकल कॉलेज स्पोक के तौर पर काम करेंगे। इससे मरीजों की पहचान, जांच, रेफरल और ट्रांसप्लांट के बाद की देखभाल उनके अपने क्षेत्रों के नजदीक उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि सरकार सरकारी चिकित्सा संस्थानों में अंग प्रत्यारोपण से जुड़ी सुविधाओं और बुनियादी ढांचे को भी मजबूत कर रही है। इसके तहत चारों सरकारी मेडिकल कॉलेजों को अंग प्रत्यारोपण से जुड़े पूरे इकोसिस्टम के लिए विकसित किया जा रहा है, ताकि मरीजों को घर के करीब समय पर और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा मिल सके।

जल्द शुरू होंगी किडनी ट्रांसप्लांट सेवाएं

डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि आने वाले समय में मोहाली और पटियाला में किडनी ट्रांसप्लांट सेवाएं भी शुरू की जाएंगी। इससे पंजाब की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में एडवांस ट्रांसप्लांट सेवाओं का दायरा और बढ़ेगा। मंत्री ने पीआईएलबीएस के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह और उनकी पूरी टीम की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि टीम की मेहनत, विशेषज्ञता और बेहतर समन्वय के कारण इन जटिल सर्जरियों को सफलतापूर्वक पूरा किया जा सका।

डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “मैं पीआईएलबीएस के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह और पूरी टीम को उनके समर्पण, प्रोफेशनलिज्म और सामूहिक प्रयासों के लिए बधाई देता हूं। ये उपलब्धियां बताती हैं कि पंजाब के सरकारी अस्पताल और संस्थान जटिल चिकित्सा प्रक्रियाओं के लिए जरूरी विशेषज्ञता और बुनियादी ढांचा लगातार विकसित कर रहे हैं।”

पीआईएलबीएस में मरीजों के लिए बढ़ाई जा रही सुविधाएं

संस्थान में मरीजों के लिए बढ़ाई जा रही सुविधाओं की जानकारी देते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि अगस्त के दौरान नाममात्र शुल्क पर 239 फाइब्रोस्कैन किए गए। इसके अलावा 139 इनडोर मरीजों को इलाज और देखभाल की सुविधा दी गई।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में पीआईएलबीएस में 170 और बेड जोड़े जाएंगे। इससे संस्थान की क्षमता बढ़ेगी और अधिक मरीजों को लिवर और बिलियरी संबंधी विशेषज्ञ उपचार मिल सकेगा. मंत्री ने कहा कि सरकार समाज के हर वर्ग को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए सरकारी अस्पतालों और संस्थानों में बुनियादी ढांचे, स्टाफ, उपकरणों और विशेषज्ञ सेवाओं को लगातार मजबूत करेगी।

डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूत करना तथा सरकारी संस्थानों में आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं विकसित करना है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पंजाब के मरीजों को इलाज के लिए राज्य से बाहर जाने की जरूरत न पड़े और उन्हें बेहतर एवं विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं अपने राज्य में ही उपलब्ध हो सकें।

सम्बंधित खबर