पंजाब में आपदा के बीच सेवा की मिसाल, आम आदमी पार्टी यूथ और महिला विंग बाढ़ राहत में सबसे आगे

पंजाब इस समय बाढ़ की त्रासदी से जूझ रहा है. खेतों में पानी भरा है, गांवों में सन्नाटा पसरा है और कई परिवारों की रोज़मर्रा की जिंदगी पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई है. इस मुश्किल घड़ी में, आम आदमी पार्टी की यूथ और महिला विंग ने कमर कसकर राहत कार्यों को नई दिशा और ताकत दी है.

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Courtesy: AAP Youth & Women Wings Intensify Flood Relief Operations Across Punjab

पंजाब के बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों को नई ऊर्जा देने के लिए आम आदमी पार्टी की यूथ विंग और महिला विंग लगातार ज़मीनी स्तर पर सक्रिय हैं. नौजवान कार्यकर्ता कंधों पर बोरे उठाकर सामग्री पहुंचा रहे हैं तो महिला विंग परिवारों की विशेष ज़रूरतों का ख्याल रख रही है. मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने प्रशासन और कैबिनेट को फील्ड में उतारकर राहत कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है.

पंजाब इस समय बाढ़ की त्रासदी से जूझ रहा है. खेतों में पानी भरा है, गांवों में सन्नाटा पसरा है और कई परिवारों की रोज़मर्रा की जिंदगी पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई है. इस मुश्किल घड़ी में, आम आदमी पार्टी की यूथ और महिला विंग ने कमर कसकर राहत कार्यों को नई दिशा और ताकत दी है. यह सिर्फ़ राजनीतिक जिम्मेदारी नहीं बल्कि पंजाब की साझा संस्कृति और इंसानियत का जीवंत उदाहरण है.

राहत में युवाओं की भागीदारी

नाभा, पठानकोट और गुरदासपुर जैसे इलाकों में आम आदमी पार्टी के युवा कार्यकर्ता राहत सामग्री से भरे वाहन लेकर गांव-गांव जा रहे हैं. कोई बोरे कंधों पर ढो रहा है, तो कोई नावों के सहारे सामान पहुंचा रहा है. कई युवा मेडिकल टीमों के साथ मिलकर ज़रूरतमंदों को दवाइयां और प्राथमिक उपचार भी उपलब्ध करवा रहे हैं. युवाओं की यह भूमिका दिखाती है कि जब संकट आता है तो पंजाब का नौजवान पीछे नहीं हटता.

महिला विंग की संवेदनशील भूमिका

महिला विंग की कार्यकर्ता विशेष रूप से बाढ़ प्रभावित परिवारों की महिलाओं और बच्चों की ज़रूरतों का ध्यान रख रही हैं. सैनिटरी प्रोडक्ट्स, बच्चों का दूध और कपड़े जैसे सामान को प्राथमिकता के आधार पर वितरित किया जा रहा है. महिला कार्यकर्ताओं ने कई जगह अस्थायी शिविर बनाकर पीड़ित परिवारों को मानसिक और भावनात्मक सहारा भी दिया है. यह पहल बताती है कि राजनीति में महिलाएं सिर्फ़ दर्शक नहीं, बल्कि बदलाव की वाहक हैं.

मान सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रशासन और कैबिनेट को सीधे फील्ड पर उतार दिया है. स्थानीय अफसरों और मंत्रियों को खुद राहत शिविरों का निरीक्षण करने और ज़मीनी हालात पर नज़र रखने की जिम्मेदारी दी गई है. मान सरकार का संदेश साफ़ है— पंजाब की जनता अकेली नहीं है. सरकार हर परिवार तक मदद पहुंचाने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है.

पंजाबियत की ताकत

इस आपदा ने एक बार फिर पंजाब की सामूहिक चेतना को मजबूत किया है. यूथ और महिला विंग की सक्रियता ने साबित कर दिया कि आम आदमी पार्टी सिर्फ मंच नहीं देती, बल्कि युवाओं और महिलाओं को समाज की रीढ़ बनाती है. राहत कार्यों में उनकी मौजूदगी ने प्रभावित परिवारों को यह भरोसा दिया है कि पंजाब अपने लोगों को संकट में कभी अकेला नहीं छोड़ेगा. राजनीति यहां इंसानियत की सेवा का माध्यम बन गई है.