50 की उम्र के बाद पुरुषों में बढ़ता इस कैंसर का खतरा, बिना लक्षण करता है हमला

भारतीय पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. पुरुषों में प्रोटेस्ट कैंसर आम सा हो गया है. शुरुआत में अक्सर इसके लक्षण दिखाई नहीं देते हैं. तो आईए जानते हैं क्या है प्रोटेस्ट कैंसर के शुरुआती लक्षण?

Date Updated Last Updated : 22 January 2026, 09:17 AM IST
फॉलो करें:
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: भारत में बीते कुछ सालो से कैंसर की समस्या बहुत देखी जा रही है. आपने अपने आस पास बहुत से लोगो को कैंसर की बीमारी से जूझते देखा होगा. लेकिन एक कैंसर जो पुरुष  में आम हो चुका है वह प्रोस्टेट कैंसर, यह प्रोस्टेट ग्रंथि में शुरू होता है. प्रोस्टेट एक छोटी ग्रंथि होती है, जो पुरुषों में स्पर्म बनाने में मदद करती है. इस बीमारी की सबसे बड़ी परेशानी यह है कि शुरुआत में इसके लक्षण अक्सर दिखाई नहीं देते.

शुरुआती समय में प्रोस्टेट कैंसर धीरे-धीरे बढ़ता है और कई पुरुषों को किसी तरह की परेशानी महसूस नहीं होती. कई मामलों में यह बीमारी सालों तक बिना किसी संकेत या लक्षण के बढ़ती रहती है और जब इसका पता चलता है, तब तक यह काफी आगे बढ़ चुकी होती है.

भारत में बढ़ती चिंता

भारत में वैसे ही कैंसर की समस्या से बहुत से लोग जूझ रहे हैं लेकिन उसमे भी प्रोस्टेट कैंसर पुरुषों में होने वाले कैंसरों में तीसरे नंबर पर है. इससे पहले फेफड़ों और मुंह का कैंसर आता है. हर साल दुनिया भर में इसके लाखों नए मामले सामने आते हैं. उम्र बढ़ने के साथ इस कैंसर का खतरा भी बढ़ता जाता है.

रिसर्च के अनुसार, जैसे जैसे उम्र बढ़ती है वैसे इस कैंसर के होने का खतरा भी बढ़ता जाता है. बता दें 50 साल की उम्र के बाद प्रोस्टेट कैंसर के मामले तेजी से बढ़ने लगते हैं और 60 साल के बाद इसका खतरा और ज्यादा हो जाता है. चिंता की बात यह है कि कई बार बीमारी का पता तब चलता है, जब कैंसर शरीर के दूसरे हिस्सों तक फैल चुका होता है.

जागरूकता की कमी बड़ी वजह

इतनी आम बीमारी होने के बावजूद भारत में प्रोस्टेट कैंसर को लेकर जागरूकता कम है. इसके शुरुआती लक्षण बहुत सामान्य लगते हैं. जैसे रात में बार-बार पेशाब आना या पेशाब की धार कमजोर होना. ज्यादातर लोग इसे उम्र बढ़ने का असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं और डॉक्टर के पास नहीं जाते.

शुरुआत में क्यों नहीं दिखते लक्षण?

डॉक्टरों के अनुसार, प्रोस्टेट कैंसर के शुरुआती दौर में अक्सर कोई साफ लक्षण नहीं होते. हालांकि, कुछ संकेत ऐसे हैं जिन पर ध्यान देना जरूरी है. इनमें पेशाब या स्पर्म में खून आना, बार-बार पेशाब लगना, पेशाब शुरू करने में परेशानी और रात में बार-बार पेशाब के लिए उठना शामिल है.

अगर बीमारी आगे बढ़ जाए, तो पीठ या हड्डियों में दर्द, कमजोरी, ज्यादा थकान, बिना वजह वजन कम होना और इरेक्शन से जुड़ी समस्या भी हो सकती है.

सामान्य प्रोस्टेट समस्या और कैंसर में फर्क

उम्र बढ़ने के साथ कई पुरुषों में प्रोस्टेट का आकार बढ़ने लगता है, जिसे आम समस्या माना जाता है. इसमें यूरिन की धार कमजोर होना और बार-बार यूरिन आना शामिल है. यह समस्या धीरे-धीरे बढ़ती है.

लेकिन प्रोस्टेट कैंसर में लक्षण तेजी से बढ़ सकते हैं और इसके साथ यूरिन या स्पर्म में खून, लगातार दर्द और अचानक वजन कम होने जैसे संकेत दिख सकते हैं. ऐसे लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. इस दौरान बिलकुल भी लापरवाही न बरते. 

कब करानी चाहिए जांच?

डॉक्टरों की सलाह है कि 50 साल की उम्र के बाद पुरुषों को प्रोस्टेट की नियमित जांच करानी चाहिए. जिन लोगों के परिवार में पहले किसी को प्रोस्टेट कैंसर रहा हो, उन्हें 40 से 45 साल की उम्र से ही जांच शुरू कर देनी चाहिए. समय-समय पर जांच और लक्षणों को हल्के में न लेने से प्रोस्टेट कैंसर को शुरुआती स्टेज में पकड़ा जा सकता है. 

Disclaimer: ये जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है. इसे आप सलाह न मानें. यदि आपको ऐसी किसी भी प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ रहा है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.

सम्बंधित खबर

Recent News