नई दिल्ली: भारत में हजारों वर्षों से लोग सुबह स्नान करते आ रहे हैं, जिसे उचित और हर तरह से लाभकारी माना जाता है. भारत में तड़के सुबह नहाना स्वास्थ्य के लिए काफी अच्छा माना जाता है. हमारे वेदों में भी सुबह नहाने के बहुत से फायदे लिखे हैं. परंपरागत रूप से इसे शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक माना जाता रहा है.
हालांकि, कई पड़ोसी एशियाई देशों में यह दिनचर्या उलटी है. वहां पर सुबह नहीं बल्कि रात में नहाने की परंपरा है. वहां पर लोग सुबह उठते हैं, तैयार होते हैं, काम पर जाते हैं और सोने से पहले तरोताजा होने के लिए शाम या रात में ही स्नान करते हैं. जापान, कोरिया और चीन जैसे देश इस पुरानी परंपरा का पालन करते हैं, जो भारत की सुबह की दिनचर्या से बिल्कुल अलग है.
दुनिया भर में नहाने की परंपराएं काफी अलग हैं. संयुक्त राज्य अमेरिका, यूरोप और कनाडा जैसे पश्चिमी देशों में सुबह के समय नहाने को ज्यादा पसंद किया जाता है.
इसके विपरीत, कई एशियाई देशों में, रात में स्नान करना एक आम बात है, ऐसा माना जाता है कि यह शरीर को दिन भर की थकान और गंदगी से साफ करता है, साथ ही आराम और बेहतर नींद को बढ़ावा देता है.
कोरिया: लंबे दिन के काम के बाद, कोरियाई लोग अक्सर रात में नहाया करते हैं ताकि वे टेंशन फ्री हो सकें और अपने शरीर को आराम दे सकें साथ ही नींद भी अच्छी आ सके.
चीन: चीनी संस्कृति में, रात में नहाना सफाई के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है. यह दिन भर जमा हुई निगेटिव एनर्जी, पसीना को दूर करने में सहायक होता है.
जापान: चीन के अलावा जापान में भी रात में ही नहाना पसंद किया जाता है. क्योंकि दिन भर के काम और थकान के बाद, सोने से पहले स्नान करना दिन के अंत का संकेत देता है. इससे लोगों का तनाव भी कम होता है. साथ ही मांसपेशियों को आराम मिलता है.
दोनों ही समय नहाना है लाभकारी
विशेषज्ञों और वैज्ञानिक अध्ययनों से पता चलता है कि रात में नहाने से थकान दूर होती है और शरीर तरोताजा होता है, जिससे गहरी नींद आती है. कई लोग दोनों तरीकों को अपनाते हैं, दिन की शुरुआत के लिए सुबह स्नान करते हैं और रात में आराम करने के लिए.