नई दिल्ली: बांग्लादेश के नौगांव जिले में नहर में कूदने से एक 25 वर्षीय हिंदू युवक की मौत हो गई. घटना मंगलवार दोपहर की है जब युवक भीड़ से बचने के लिए नहर में छलांग लगाई थी. मृतक की पहचान भंडारपुर गांव निवासी मिथुन सरकार के तौर पर की गई है. पुलिस के मुताबिक कुछ लोगों ने हाट चकगौरी बाजार इलाके में मिथुन पर चोरी का आरोप लगाया था.
मिथुन सरकार की मौत के बाद अब पुलिस तफतीश कर रही है. नौगांव के पुलिस अधीक्षक मोहम्मद तारिकुल इस्लाम ने बताया कि मिथुन पर चोरी का आरोप लगाया गया था, जिसके बाद लोगों की भीड़ ने उसका पीछा करना शुरू कर दिया. डर के कारण और भीड़ से बचने के लिए मिथुन ने बिना कुछ सोचे पानी में छलांग लगा दी. जिस कारण उसकी मौत हो गई.
बाद में स्थानीय लोगों ने पुलिस को मामले की जानकारी दी. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस एक्शन में आई. पुलिस और फायर सर्विस विभाग की मदद से शव को बाहर निकाला गया. फिलहाल शव का पोस्टमार्टम किया जा रहा है और पूरे मामले की जांच जारी है.
बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हो रहे हमलों में अब एक और घटना जुड़ गई है. बांग्लादेश में पिछले कुछ महीने में हिंदु अल्पसंख्यकों के खिलाफ हमले की वारदात लगातार बढ़े हैं. पिछले दिनों ऐसी बहुत सी घटनाएं सामने आई हैं जिस कारण बांग्लादेशी हिंदुओं को अपनी जान गवानी पड़ी. पिछले साल दिसंबर में एक छात्र नेता की मौत के बाद देश के कई हिस्सों में तनाव और हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं.
18 दिसंबर को एक हिंदू व्यक्ति दीपू चंद्र दास की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी.
हाल ही में नरसिंगदी जिले में 40 वर्षीय हिंदू किराना दुकानदार मोनी चक्रवर्ती की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी. वह रात में दुकान बंद करके घर लौट रहे थे, तभी कुछ अंजान लोगों ने उन पर हमला कर दिया. मोनी लंबे समय से बाजार में दुकान चला रहे थे और हाल के हफ्तों में मारे गए वे तीसरे हिंदू व्यापारी बताए जा रहे हैं.
इसी दिन जेस्सोर जिले में एक और हिंदू व्यापारी और स्थानीय समाचार पत्र के कार्यवाहक संपादक राणा प्रताप बैरागी की गोली मारकर हत्या कर दी गई.
3 जनवरी को खोकोन चंद्र दास पर चाकू से हमला किया गया और बाद में उन्हें आग लगा दी गई, जिससे उनकी मौत हो गई. 24 दिसंबर को राजबारी जिले में अमृत मंडल नामक एक हिंदू व्यक्ति की कथित तौर पर जबरन वसूली के आरोप में पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी.