मेक्सिको का खतरनाक ड्रग लॉर्ड 'एल मेंचो' मिलिट्री ऑपरेशन में मारा गया, सिर पर था $15 मिलियन का इनाम

मैक्सिकन ड्रग लॉर्ड नेमेसियो रूबेन ओसेगुएरा सर्वेंटेस, उर्फ ​​"एल मेंचो," रविवार को जलिस्को में एक मिलिट्री ऑपरेशन के दौरान मारा गया. वह CJNG कार्टेल का हेड था. US ने उसकी गिरफ्तारी के लिए $15 मिलियन का इनाम रखा था.

Date Updated Last Updated : 23 February 2026, 05:14 PM IST
फॉलो करें:
Courtesy: X

नई दिल्ली: मेक्सिको में ड्रग कार्टेल का दबदबा सालों से लगातार रहा है. देश में हर चीज पर इन्हें का कंट्रोल है. इन खुनखार कार्टेल में जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल (CJNG) सबसे बड़े राजा कहलाते है. उनके खौफ का कोई ठिकाना नहीं है. अब मेक्सिको की आर्मी ने इनको निशाने पर लेकर एक बड़ा ऑपरेशन लॉन्च किया. इस ऑपरेशन में उन्होंने CJNG के लीडर एल मेंचो को मार गिराया. रविवार को तपालता इलाके में उसको गिरफ्तार करने की कोशिश में वह घायल हो गया था, जिसके बाद उसे मेक्सिको सिटी ले जाया गया. इसी समय रास्ते में उसकी मौत हो गयी.

$15 मिलियन का इनाम

मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस ने इसकी पुष्टि की है. US ने उसे पकड़ने में मदद करने वाली जानकारी देने वाले के लिए $15 मिलियन का इनाम रखा था. जैसे ही उसकी मौत की खबर फैली, कार्टेल ने जवाबी हमला किया. एक दर्जन राज्यों में सड़कों को आग लगा दी गई और गाड़ियों को जला दिया गया और रोक दिया गया. ग्वाडलहारा जैसे शहर वीरान हो गए, स्कूल बंद हो गए. इस एक्शन को ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन पर मैक्सिकन सरकार की कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है.

एल मेंचो कौन था?

नेमेसियो रूबेन ओसेगुएरा का जन्म 1966 में मिचोआकन राज्य के एक गरीब पहाड़ी गांव में हुआ था. बचपन में वह एवोकाडो के खेतों में काम करता था। वह यूनाइटेड स्टेट्स चला गया और हेरोइन की ट्रैफिकिंग में शामिल हो गया. उसे वहां गिरफ्तार किया गया, कुछ साल जेल में बिताए और फिर डिपोर्ट होने के बाद मैक्सिको लौट आया. वह मैक्सिको लौटा और पुलिस में काम किया, लेकिन जल्द ही सिनालोआ के एक साथी मिलेनियो कार्टेल में शामिल हो गया। यहीं से उसका क्रिमिनल करियर शुरू हुआ.

कार्टेल की स्थापना

मिलेनियो कार्टेल पर कब्ज़ा करने की नाकाम कोशिश के बाद, ओसेगुएरा ने एक अलग रास्ता चुना. उसने CJNG की स्थापना की और सिनालोआ के खिलाफ खुली जंग छेड़ दी. उसने जलिस्को राज्य में अपनी मजबूत जड़ें जमा लीं. कार्टेल ने अमेरिका में बड़ी मात्रा में ड्रग्स भेजे, जिसमें फेंटानिल भी शामिल था, जिससे ओवरडोज़ से सैकड़ों लोगों की मौत हो गई. सिनालोआ के स्मगलिंग स्टाइल, जेटास की क्रूरता और लोकल सपोर्ट के मेल ने ऑर्गनाइज़ेशन को मज़बूत किया. कुछ ही समय में यह मेक्सिको का सबसे खतरनाक कार्टेल बन गया.

क्रूरता और सोशल बेस

एल मेंचो ने अपने दुश्मनों का सिर कलम करके, पुलिस को मारकर और डरावनी धमकियों से उन्हें दबाया. 2015 में उसने छह हफ़्तों में दो दर्जन पुलिसवालों को मार डाला. 2020 में उसने मेक्सिको सिटी के पुलिस चीफ़ पर हमला करवाया. उसने सुरक्षा पाने के लिए नेताओं को रिश्वत दी. COVID-19 के दौरान, उसने कार्टेल के नाम पर राशन बांटा. एक्सपर्ट्स का कहना है कि वह सरकार के लिए एक बेहतर विकल्प के तौर पर उभरा. सोशल मीडिया पर गाली-गलौज वाली धमकियाँ लीक हुई हैं.

पकड़ से बचना

एल मेंचो कई सालों तक पकड़ा नहीं गया। उसने पुलिस को रिश्वत देकर अपनी सुरक्षा बनाए रखी. 2015 में एक मिलिट्री ऑपरेशन के दौरान, उसके गुंडों ने उसे भागने देने के लिए RPG से एक हेलीकॉप्टर को मार गिराया. उसे पॉलिटिकल कवर भी मिला. एल चापो के बाद, वह US-मेक्सिको की सबसे बड़ी प्रायोरिटी था. एक्सपर्ट वांडा फेलबैब-ब्राउन ने कहा कि इतने लंबे समय तक छिपे रहने की उसकी काबिलियत हैरान करने वाली है. आखिरकार, रविवार के ऑपरेशन में वह मारा गया.

मौत के बाद हिंसा

एल मेंचो की मौत से कार्टेल की तरफ से पूरे देश में हिंसा भड़क गई है. सड़कें जल गईं, शहर धुएं से भर गए. ग्वाडलहारा में लोग अपने घरों में छिप गए. सोमवार को कई स्कूल बंद कर दिए गए. यह घटना कार्टेल के गहरे असर को दिखाती है. फेंटानिल ट्रैफिकिंग और दूसरे क्राइम की यह लहर रुकने वाली नहीं लगती. मैक्सिकन सरकार को और कड़े कदम उठाने चाहिए, लेकिन कार्टेल की जड़ें आसानी से नहीं उखाड़ी जा सकेंगी. हालात अभी भी टेंशन वाले हैं.

सम्बंधित खबर