गद्दी कुत्तों की दहाड़ से थर्रा गया तेंदुआ, कुत्तों ने खड़ी की वफादारी की मिसाल! बचाई 2 की जान

हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में बीती रात एक बकरी फार्म पर हुए तेंदुए के हमले ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है. जिसमें गद्दी नस्ल के कुत्ते बहादुरी से तेंदुए का सामना करते नजर आते हैं.

Date Updated Last Updated : 24 February 2026, 10:42 AM IST
फॉलो करें:
Courtesy: Pinterest

हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में बीती रात एक बकरी फार्म पर हुए तेंदुए के हमले ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें गद्दी नस्ल के कुत्ते बहादुरी से तेंदुए का सामना करते नजर आते हैं. इस हमले में फार्म के दो मालिक घायल हो गए, जबकि गांव वालों में भी डर का माहौल है.

यह घटना नाहन के पास सतीवाला क्षेत्र में देर रात हुई, जब एक तेंदुआ फार्म परिसर में घुस आया. मवेशियों की सुरक्षा में तैनात गद्दी कुत्तों ने तुरंत सतर्कता दिखाते हुए उसे खुले क्षेत्र में भागने से रोक दिया और फार्म के एक हिस्से में घेर लिया. सुबह जब खेत का गेट खोला गया, तभी तेंदुए ने अचानक दो व्यक्तियों संग्राम और नीरज पर हमला कर दिया.

गद्दी कुत्तों की बहादुरी

हमले के दौरान अफरा-तफरी मच गई, लेकिन गद्दी नस्ल के कुत्तों ने बहादुरी दिखाई. उन्होंने तेंदुए का ध्यान अपनी ओर खींचकर दोनों घायलों को जीवनदान दिया. उन्हें इस परिस्थिती से बच निकलने का मौका दिया. घायल फार्म मालिक को तुरंत हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां उसका इलाज किया जा रहा है. 

गौरतलब है कि गद्दी कुत्ते पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में पाए जाने वाले मजबूत और सतर्क पहाड़ी कुत्ते हैं, जिनका उपयोग चरवाहे अपने पशुओं की सुरक्षा के लिए करते हैं.

नाली में छिपा तेंदुआ 

कुत्तों से घिरने के बाद तेंदुआ पास की एक संकरी नाली के पाइप में जा छिपा. सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और बचाव अभियान शुरु किया. इस दौरान बड़ी संख्या में गांव वाले भी घटनास्थल पर इकट्ठा हो गए, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई. लेकिन बाद में स्थिती सामान्य हो गई. 

वन विभाग की कार्रवाई

हालांकि बाद में वन विभाग ने डार्ट गन का इस्तेमाल कर तेंदुए को बेहोश किया और सुरक्षित बाहर निकाला. इसके बाद उसे प्राथमिक चिकित्सा के लिए शंभूवाला स्थित वन रेंज कार्यालय ले जाया गया. अधिकारियों के अनुसार, आगे की जांच और पुनर्वास के लिए उसे शिमला के तूती कंडी स्थित बचाव केंद्र भेजने की तैयारी की जा रही है.

सम्बंधित खबर