नई दिल्ली: एलन मस्क के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और भारत सरकार के बीच कंटेंट मॉडरेशन को लेकर चल रहा विवाद एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है. केंद्र सरकार की सख्त चेतावनी और आईटी मंत्रालय (MeitY) के हस्तक्षेप के बाद X ने प्लेटफॉर्म पर मौजूद अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है. कंपनी ने स्वीकार किया है कि उनके सिस्टम में खामियां थीं और अब वह भारतीय कानूनों के पूर्ण अनुपालन के लिए तैयार है.
इस पूरी कार्रवाई की मुख्य वजह X का अपना आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल Grok बना. आरोप लगे थे कि कुछ यूजर्स Grok AI की मदद से महिलाओं और नाबालिगों की तस्वीरों का दुरुपयोग कर डीपफेक और यौन रूप से आपत्तिजनक कंटेंट तैयार कर रहे थे. जब यह सामग्री प्लेटफॉर्म पर वायरल होने लगी, तो डिजिटल सुरक्षा और निजता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए.
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए X को कड़ी फटकार लगाई और 72 घंटे के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी थी. सरकार के इस सख्त रुख के बाद X ने कई कदम उठाए. उन्होंने 600+ अकाउंट्स डिलीट: अश्लील सामग्री फैलाने वाले 600 से अधिक अकाउंट्स को स्थायी रूप से बंद कर दिया गया. 3,500 पोस्ट जिसमें आपत्तिजनक और यौन सामग्री वाली हजारों पोस्ट को भारतीय यूजर्स के लिए ब्लॉक कर दिया गया. X ने आधिकारिक तौर पर माना कि उनके कंटेंट मॉडरेशन सिस्टम में चूक हुई थी.
सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी सोशल मीडिया मध्यस्थ को भारतीय निजता कानूनों और महिलाओं की गरिमा से खिलवाड़ करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. X ने अब भरोसा दिलाया है कि वह आईटी एक्ट 2000 और आईटी नियम 2021 के तहत अपने सभी ड्यू डिलिजेंस दायित्वों को निभाएगा.
मंत्रालय ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए तकनीकी बदलाव करने और चीफ कंप्लायंस ऑफिसर की जवाबदेही तय करने के भी निर्देश दिए हैं. अब यह देखना होगा कि क्या डीपफेक के कारण महिलाओं को अपनी फेाटो डालने से भी बचना होगा या मस्क इसका कोई तोड़ निकालेंगे.