नई दिल्लीः सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X ने एक ऐसा कदम उठाया है जिसने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और ईरान की सुलगती राजनीति में आग लगा दी है. ईरान में जारी भीषण विरोध प्रदर्शनों के बीच, ईलन मस्क के प्लेटफॉर्म ने ईरान के आधिकारिक इस्लामिक प्रतीक वाले झंडे को हटाकर उसकी जगह 1979 की क्रांति से पहले वाले शेर और सूरज के झंडे को बतौर इमोजी शामिल कर लिया है.
इस रहस्यमयी बदलाव की शुरुआत तब हुई जब एक यूजर ने X पर ईरान के झंडे को अपडेट करने का अनुरोध किया. X के प्रोडक्ट हेड निकिता बीयर ने इस पर संक्षिप्त जवाब दिया कि "मुझे कुछ घंटे दो." इसके तुरंत बाद एक कोडिंग प्लेटफॉर्म का लिंक साझा किया गया, जिससे साफ हो गया कि आधिकारिक ईरानी झंडे को सिस्टम से हटाकर राजशाही युग के प्रतीक से बदल दिया गया है.
ईरान का वर्तमान झंडा (हरा, सफेद, लाल पट्टियां और बीच में अल्लाह का प्रतीक) 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद अस्तित्व में आया था. वहीं, शेर और सूरज वाला झंडा शाह के दौर का आधिकारिक प्रतीक था. आज ईरान की सड़कों पर और दुनिया भर के ईरानी दूतावासों के बाहर प्रदर्शनकारी इसी पुराने झंडे को लहरा रहे हैं. यह झंडा अब केवल एक कपड़ा नहीं, बल्कि मौजूदा नेतृत्व वाले शासन को उखाड़ फेंकने और निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी की वापसी का संकेत बन गया है.
अमेरिका में रह रहे पूर्व क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने प्रदर्शनकारियों से अपील की है कि वे सार्वजनिक स्थानों पर अपना हक जमाएं और पुराने राष्ट्रीय प्रतीकों का इस्तेमाल करें. उन्होंने दावा किया है कि वह समय बहुत करीब है जब वह अपनी मातृभूमि लौटेंगे.
ईरान में यह आंदोलन बढ़ती महंगाई और गिरती मुद्रा के कारण शुरू हुआ था, लेकिन अब यह पूरी तरह राजनीतिक तख्तापलट की ओर बढ़ चुका है. गुरुवार और शनिवार को हुई विशाल रैलियों ने साबित कर दिया है कि जनता अब पीछे हटने को तैयार नहीं है. X द्वारा पुराने झंडे को मान्यता देना इस आग में घी डालने जैसा है, जो यह संकेत देता है कि वैश्विक तकनीकी ताकतें भी अब ईरान के बदलते राजनीतिक परिदृश्य में अपनी भूमिका निभा रही हैं.