नई दिल्ली: हाल में अमेरिका और वेनेजुएला के बीच चल रहा विवाद किसी से छुपा नहीं है. अब इससे जुड़ी एक और खबर सामने आ रही है. खबरों की मानें तो अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वेनेजुएला की नई अंतरिम सरकार पर कड़ी शर्तें थोपना चाहते हैं. यह सरकार डेल्सी रोड्रिगेज के नेतृत्व में काम कर रही है. अमेरिका चाहता है कि वेनेजुएला को ज्यादा तेल उत्पादन की अनुमति तभी मिले, जब वह चीन, रूस, ईरान और क्यूबा से अपने आर्थिक रिश्ते खत्म कर दे.
रिपोर्ट की मानें तो अमेरिका ने वेनेजुएला के नए नेतृत्व के सामने दो अहम शर्तें रखी हैं. जिसमें पहली शर्त यह है कि वेनेजुएला को चीन, रूस, ईरान और क्यूबा को देश से बाहर करना होगा और उनसे सभी आर्थिक संबंध तोड़ने होंगे.
दूसरी शर्त यह है कि तेल उत्पादन और बिक्री के लिए वेनेजुएला को अमेरिका के साथ ही काम करना होगा और भारी कच्चे तेल की बिक्री में अमेरिका को प्राथमिकता देनी होगी. बताया जाता है कि चीन लंबे समय से वेनेजुएला का बड़ा तेल खरीदार रहा है और दोनों देशों के बीच करीबी रिश्ते रहे हैं.
रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सांसदों को एक बंद बैठक में बताया कि अमेरिका के पास वेनेजुएला पर दबाव बनाने के मजबूत कारण हैं. उनका मानना है कि वेनेजुएला के तेल टैंकर पहले से ही भरे हुए हैं और देश के पास तेल स्टोर करने की क्षमता लगभग खत्म हो चुकी है.
इसके चलते वेनेजुएला को दिसंबर के अंत में कई तेल कुओं को बंद करना पड़ा. अगर और कुएं बंद होते हैं, तो देश की अर्थव्यवस्था को संभालना मुश्किल हो सकता है और अंतरिम सरकार की स्थिति कमजोर पड़ सकती है.
अमेरिका के आकलन के अनुसार, अगर वेनेजुएला अपने तेल भंडार को नहीं बेच पाता है, तो वह कुछ ही हफ्तों में आर्थिक रूप से दिवालिया हो सकता है. यही वजह है कि अमेरिका को भरोसा है कि वह अपनी शर्ते मनवा सकता है.
सीनेट सशस्त्र सेवा समिति के अध्यक्ष रोजर विकर ने भी कहा है कि अमेरिका की योजना वेनेजुएला के तेल पर नियंत्रण पाने की है और इसके लिए अमेरिकी सैनिक भेजने की जरूरत नहीं पड़ेगी.