Airbus A320: दुनिया भर में सबसे ज्यादा उड़ान भरने वाले एयरबस A320 परिवार में एक बड़ी तकनीकी खामी सामने आने के बाद वैश्विक विमानन उद्योग में चिंता बढ़ गई है. फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम पर सोलर रेडिएशन के संभावित प्रभाव के चलते एयरबस ने सभी एयरलाइंस को तुरंत सॉफ्टवेयर अपडेट और जरूरत पड़ने पर हार्डवेयर बदलने के निर्देश जारी किए हैं. इसे एयरबस के 55 साल के इतिहास का सबसे बड़ा रिकॉल ऑपरेशन बताया जा रहा है. इसका सीधा असर लगभग 6000 उड़ानों पर पड़ने वाला है, और भारत भी इससे प्रभावित देशों में शामिल है.
कैसे सामने आई खामी?
30 अक्टूबर 2025 को नेवार्क के लिए उड़ान भर रहे एयरबस A320 विमान में तब अचानक गड़बड़ी देखी गई जब उड़ान अचानक नीचे की ओर झुकने लगी. जांच में पाया गया कि कंट्रोल स्विच बदलते समय फ्लाइट कंट्रोल कंप्यूटर ने गलत डेटा पढ़ लिया. बताया गया कि यह डेटा सोलर रेडिएशन की वजह से डिस्टर्ब हुआ था. स्थिति गंभीर होने पर विमान को आपातकालीन रूप से टैम्पा एयरपोर्ट पर डायवर्ट करना पड़ा. इस घटना में कुछ यात्री घायल भी हुए.
जांच के बाद एयरबस ने माना कि सूर्य से निकलने वाले तीव्र चार्ज्ड पार्टिकल्स, जिन्हें कोरोनल मास इजेक्शन (CME) कहा जाता है, उच्च ऊंचाई पर उड़ने वाले विमानों के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम को प्रभावित कर सकते हैं. यह प्रभाव फ्लाइट कंट्रोल डेटा, दिशा, ऊंचाई और स्थिरता से जुड़े महत्वपूर्ण पैरामीटर में गड़बड़ी पैदा कर सकता है.
भारत में क्या स्थिति है?
भारत एयरबस A320 सीरीज का सबसे बड़ा उपयोगकर्ता है, खासकर IndiGo, जो दुनिया की सबसे बड़ी A320 ऑपरेटर है. इसके बाद एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस के बेड़े में भी A320 की संख्या काफी अधिक है. फिलहाल किसी उड़ान को रद्द नहीं किया गया है, लेकिन कई रूट्स पर 60 से 90 मिनट की देरी दर्ज की जा रही है.
इंडिगो ने कहा कि सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सॉफ्टवेयर अपडेट प्रक्रिया जारी है, जिसकी वजह से कुछ उड़ानों के समय में बदलाव हो सकता है. एयर इंडिया ने बताया कि उसके लगभग 40% A320 विमानों में अपडेट पूरा हो चुका है, लेकिन पूरी प्रक्रिया खत्म होने तक देरी की संभावना बनी रहेगी.
यात्रियों पर कितना असर पड़ेगा?
अगले 20–25 दिनों तक यात्रियों को इन समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है—
यात्रियों को सलाह दी गई है कि एयरपोर्ट के लिए निकलने से पहले फ्लाइट स्टेटस अवश्य चेक करें, जिससे अचानक हुए बदलाव से असुविधा न हो.