नई दिल्ली: होली रंगों और खुशियों का त्योहार है. कहते हैं होली में सारे गिले शिकवे भुला दिए जाते हैं और होली के रंगों में केवल प्यार ही होता है जोकि एक-दूसरे को आपस में प्यार की डोर से जोड़ता है. लेकिन अगर आप भी यही सोचकर कुछ ज्यादा ही कैमिकल वाले रंगो का इस्तेमाल करते हैं तो सावधान हो जाईए. क्योंकि, यही रंग कई बार आपके बालों के लिए मुसीबत बन जाते हैं. त्योहार खत्म होते ही लोग अक्सर रूखे, बेजान और टूटते बालों की शिकायत करने लगते हैं.
चमकीले गुलाल और गिले रंग भले ही त्योहार को यादगार बनाते हों, लेकिन इनके पीछे छिपे कैमिकल बालों और खोपड़ी को गहरा नुकसान पहुंचा सकते हैं. तो आईए जानते हैं ये रंग आपके बालों को किस प्रकार नुकासन पहुंचा सकता है.
होली में सबसे ज्यादा अगर किसी को नुकसान पहुंचता है तो वह है बाल. अक्सर होली में बाल बेजान से हो जाते हैं. कुछ विशेषज्ञ बताते हैं कि बालों की सबसे बाहरी परत यानी कि क्यूटिकल हमारे बालों के लिए सुरक्षा कवच का काम करती है.
जब रंगों के मोटे कण बालों पर रगड़ खाते हैं, तो यह परत कमजोर हो जाती है. इससे बाल खुरदुरे, दोमुंहे और जल्दी टूटने वाले बन जाते हैं, खासकर उन लोगों में जो पहले से ही हेयर कलर या हीट स्टाइलिंग करवाते हैं.
गीले रंग अक्सर क्षारीय घोल में घुले होते हैं, जो बालों और खोपड़ी के नेचुरअल तेलों को सोख लेते हैं. इन तेलों की कमी से बालों की नमी और लचीलापन घट जाता है, जिससे वे सख्त और नाजुक हो जाते हैं और बाल डैमेज हो जाते हैं.
होली के बाद कई लोग रंग हटाने के लिए बालों को जोर-जोर से रगड़ते हैं. ये आदत बालों के लिए सबसे ज्यादा हानिकारक साबित होती है. विशेषज्ञ बताते हैं कि इस रगड़ से बाल कमजोर होकर टूटते हैं, जिससे अचानक बाल झड़ने जैसा अनुभव होता है. इसलिए आप होली का लुत्फ उठाएं लेकिन बालों की सुरक्षा को नजरअंदाज न करें. होली खेलने से पहले इन्हें अच्छे से कवर करें.