बेंगलुरु: मुख्यमंत्री पद से सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डीके शिवकुमार राज्य की कमान संभालने जा रहे हैं. पार्टी ने सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है. माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद मुख्यमंत्री पद के लिए उनके नाम पर औपचारिक मुहर लग जाएगी. सूत्रों के अनुसार, डीके शिवकुमार 3 जून को कर्नाटक के 25वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे. लंबे समय से राज्य की राजनीति में सक्रिय रहे शिवकुमार को कांग्रेस के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिना जाता है.
मुख्यमंत्री पद से सिद्धारमैया के हटने के बाद कांग्रेस विधायक दल के नए नेता के चयन की प्रक्रिया शुरू हो गई है. इसी सिलसिले में शनिवार को सीएलपी की बैठक बुलाई गई है. यह बैठक शाम 4 बजे बेंगलुरु स्थित विधान सौध के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित की जाएगी. बैठक की अध्यक्षता सिद्धारमैया करेंगे, जो अभी तक कांग्रेस विधायक दल के नेता की जिम्मेदारी निभा रहे हैं. इस दौरान पार्टी के सभी विधायक और वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बैठक में डीके शिवकुमार को विधायक दल का नेता चुना जा सकता है, जिसके बाद मुख्यमंत्री बनने का रास्ता पूरी तरह साफ हो जाएगा.
इस अहम बैठक में कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष डीके शिवकुमार के अलावा कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व से जुड़े कई प्रमुख चेहरे भी शामिल होंगे. पार्टी के कर्नाटक प्रभारी और एआईसीसी महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला भी बैठक में मौजूद रहेंगे. इसके अलावा विधान परिषद में सदन के नेता एन.एस. बोस राजू और कांग्रेस के अन्य कार्यकारी अध्यक्ष भी इस बैठक का हिस्सा बनेंगे. बैठक की जानकारी कांग्रेस विधायक दल के सचिव और विधायक अल्लामप्रभु पाटिल की ओर से दी गई है.
मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद सिद्धारमैया ने शुक्रवार को दिल्ली पहुंचकर कांग्रेस के शीर्ष नेताओं से मुलाकात की. उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के साथ अलग-अलग बैठकों में राज्य की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की. सबसे ज्यादा चर्चा राहुल गांधी के साथ हुई उनकी मुलाकात की रही. यह बैठक सोनिया गांधी के आवास 10 जनपथ पर हुई थी. माना जा रहा है कि इस दौरान कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन और आगे की राजनीतिक रणनीति पर विस्तार से बातचीत हुई.
पार्टी सूत्रों के अनुसार, सिद्धारमैया ने कांग्रेस नेतृत्व को यह संदेश दिया कि उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर अपना वादा पूरा कर दिया है. इसके बाद अब सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है. कांग्रेस नेतृत्व भी चाहता है कि राज्य में नेतृत्व परिवर्तन शांतिपूर्ण और संगठित तरीके से पूरा हो. ऐसे में आने वाले कुछ दिनों में नई सरकार के गठन और मंत्रिमंडल को लेकर भी महत्वपूर्ण फैसले सामने आ सकते हैं.