बारामूला: जम्मू-कश्मीर की कश्मीर घाटी में सोमवार तड़के भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के मुताबिक, भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.6 दर्ज की गई. झटके रात करीब 2 बजे आए, जिससे कुछ देर के लिए लोगों में दहशत का माहौल बन गया. हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी तरह के जान-माल के नुकसान या किसी के घायल होने की कोई सूचना नहीं मिली है.
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, भूकंप का केंद्र बारामूला जिले में जमीन से लगभग 10 किलोमीटर की गहराई में था. बारामूला के अलावा कश्मीर घाटी के कई अन्य हिस्सों में भी लोगों ने झटके महसूस किए. रात के समय अचानक धरती हिलने से कई लोग एहतियातन अपने घरों और इमारतों से बाहर निकल आए. कुछ समय बाद स्थिति सामान्य हो गई.
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भूकंप की जानकारी साझा की. अधिकारियों के अनुसार, भूकंप की तीव्रता कम होने के कारण किसी बड़े नुकसान की आशंका नहीं बनी. स्थानीय प्रशासन भी हालात पर नजर बनाए हुए है.
कश्मीर क्षेत्र भूकंपीय दृष्टि से काफी संवेदनशील माना जाता है. यह इलाका उच्च भूकंपीय जोन में आता है, जहां टेक्टोनिक प्लेटों की सक्रियता के कारण समय-समय पर भूकंप आते रहते हैं. इसी साल फरवरी में भी बारामूला जिले में 4.6 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था, जिसका केंद्र पट्टन क्षेत्र था. उस दौरान भी घाटी के कई हिस्सों में झटके महसूस किए गए थे.
EQ of M: 3.6, On: 13/07/2026 02:00:31 IST, Lat: 34.246 N, Long: 74.456 E, Depth: 10 Km, Location: Baramulla, Jammu and Kashmir.
— National Center for Seismology (@NCS_Earthquake) July 12, 2026
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बीते कुछ समय में देश और आसपास के क्षेत्रों में कई बार भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. 9 जुलाई को महाराष्ट्र के नांदेड़, हिंगोली और परभणी जिलों में हल्के झटके दर्ज किए गए थे. वहीं 27 जून को अफगानिस्तान के हिंदूकुश क्षेत्र में 6.2 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था, जिसके झटके भारत समेत कई पड़ोसी देशों तक महसूस किए गए थे.
विशेषज्ञों का कहना है कि भूकंप का सटीक समय पहले से बताना संभव नहीं है. इसलिए भूकंप संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को हमेशा सतर्क रहना चाहिए और आपदा प्रबंधन से जुड़े सुरक्षा नियमों का पालन करना चाहिए. इससे किसी भी आपात स्थिति में नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है.