नई दिल्ली: उत्तर भारत में मॉनसून अब पूरी तरह से रफ्तार पकड़ चुका है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, देश के 18 राज्यों में झमाझम बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों में मॉनसून सक्रिय है, जिससे तापमान में गिरावट आई है और लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है. देश की राजधानी दिल्ली में भी शनिवार को आसमान में काले बादल छाए रहने और हल्की रिमझिम फुहारें पड़ने का अनुमान है। दिल्ली में आज तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है, जिससे मौसम बेहद सुहाना बना रहेगा.
उत्तर प्रदेश में मॉनसून का मिलाजुला असर देखने को मिल रहा है. मौसम विभाग ने आज पश्चिमी यूपी के बिजनौर, बुलंदशहर, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर जैसे जिलों में तेज बारिश का 'येलो अलर्ट' जारी किया है. वहीं, नोएडा और गाजियाबाद के लोगों को भारी बारिश से थोड़ी राहत मिल सकती है, हालांकि यहां भी बादल छाए
पूर्वी उत्तर प्रदेश की बात करें तो गोरखपुर, बलिया, गाजीपुर, बस्ती, कुशीनगर और महाराजगंज के इलाकों में बारिश की चेतावनी दी गई है. इसके विपरीत, सूबे के मध्य और बुंदेलखंड क्षेत्र के कानपुर, लखनऊ, हमीरपुर, बांदा और जालौन जैसे जिलों में आज बारिश के आसार बेहद कम हैं. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 11 से 16 जुलाई तक वेस्ट यूपी में और 12 से 14 जुलाई तक पूर्वी यूपी में मूसलाधार बारिश हो सकती हैं.
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों में मॉनसून आफत बनकर बरस रहा है. 11 से 16 जुलाई तक उत्तराखंड में लगातार भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जिससे लैंडस्लाइड का खतरा बढ़ गया है. 11 से 16 जुलाई तक हिमाचल प्रदेश में भी भारी बारिश का अलर्ट है. शिमला और मनाली जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर जाने वाले सैलानियों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. इसके अलावा, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और मुजफ्फराबाद के क्षेत्रों में 12 जुलाई तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है.
मैदानी इलाकों की बात करें तो पंजाब में 10 से 13 जुलाई तक और हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली में 11 से 13 जुलाई तक बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी. पूर्वी राजस्थान में भी 16 जुलाई तक बरसात का दौर चलेगा। इसके अलावा बिहार, झारखंड और ओडिशा समेत देश के कुल 18 राज्यों में मॉनसून पूरी तरह मेहरबान है. हालांकि, देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में फिलहाल भारी बारिश के कोई बड़े संकेत नहीं हैं, जिससे वहां के लोगों को अभी थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है. मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे जलभराव वाले इलाकों और पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतें.