मुंबई: ऑस्कर विजेता म्यूजिक कंपोजर एआर रहमान के एक हालिया इंटरव्यू ने भारतीय फिल्म इंडस्ट्री और राजनीति के गलियारों में तूफान ला दिया है. रहमान द्वारा बॉलीवुड में सांप्रदायिकता और काम कम मिलने के आरोपों के बाद अब दिग्गज कलाकार और राजनेता आमने-सामने आ गए हैं.
जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने इस विवाद में कूदते हुए रहमान का खुलकर समर्थन किया है. उन्होंने गीतकार जावेद अख्तर की उस टिप्पणी की आलोचना की, जिसमें उन्होंने रहमान की चिंताओं को खारिज कर दिया था. महबूबा ने 'X' पर लिखा, "जब जावेद अख्तर रहमान की चिंताओं को नकारते हैं, तो वह भारतीय मुसलमानों की साझा सच्चाई का खंडन करते हैं. उनकी अपनी पत्नी शबाना आजमी ने भी मुंबई में मुस्लिम होने के कारण घर न मिलने की बात कही थी. बॉलीवुड देश की सामाजिक सच्चाई का आइना है और इसे नजरअंदाज करने से हकीकत नहीं बदलेगी."
एक इंटरव्यू में रहमान ने कहा था कि शायद सांप्रदायिक कारणों से उन्हें पिछले कुछ सालों से हिंदी फिल्मों में कम काम मिल रहा है. उन्होंने कहा, "जो लोग क्रिएटिव नहीं हैं, उनके पास अब पावर है. मेरे पास कानाफूसी आती है कि मुझे बुक किया गया था, लेकिन म्यूजिक कंपनी ने अपने कंपोजर हायर कर लिए. यह शायद एक सांप्रदायिक बात भी हो सकती है, लेकिन मेरे सामने नहीं."
When Javed Akhtar dismisses A.R. Rahman’s concerns about the growing communalisation of Bollywood he contradicts lived & shared realities of Indian Muslims including those of his own wife Shabana Azmi, who has openly spoken about being denied housing for being Muslim in a…
— Mehbooba Mufti (@MehboobaMufti) January 18, 2026
रहमान के इस बयान पर अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत ने मोर्चा खोल दिया. उन्होंने रहमान पर पलटवार करते हुए उन्हें नफरत करने वाला करार दिया. कंगना ने इंस्टाग्राम पर दावा किया कि रहमान ने उनकी फिल्म इमरजेंसी का संगीत देने या उनसे मिलने तक से इनकार कर दिया था क्योंकि उन्हें लगा कि यह एक प्रचार फिल्म है. कंगना ने लिखा, "मैंने आपसे ज्यादा पक्षपाती आदमी नहीं देखा."
विवाद बढ़ता देख एआर रहमान ने एक वीडियो मैसेज जारी कर अपनी स्थिति साफ की. उन्होंने अपने सुपरहिट गाने वंदे मातरम' के दृश्यों के साथ कहा कि भारत मेरा घर और मेरी प्रेरणा है. मेरे इरादों को गलत समझा गया. मेरा मकसद कभी किसी को दर्द पहुंचाना नहीं था, बल्कि संगीत के जरिए सेवा करना रहा है.