बांके बिहारी मंदिर के चढ़ावे पर SC का बड़ा फैसला, अब पाई-पाई का होगा हिसाब

वृंदावन स्थित बांके बिहारी मंदिर में दान की रकम की हेराफेरी के आरोपों पर सख्त रुख अपनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कई अहम निर्देश जारी किए।

Date Updated Last Updated : 25 August 2026, 05:41 PM IST
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Courtesy: JBT/Prem Kaushik

मथुरा: वृंदावन स्थित बांके बिहारी मंदिर में दान की रकम की हेराफेरी के आरोपों पर सख्त रुख अपनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कई अहम निर्देश जारी किए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दान का हर पैसा दान पेटी या ऑनलाइन खाते में ही जमा होना चाहिए। ये निर्देश चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच ने जारी किए।

क्या है पूरा मामला?         

सुप्रीम कोर्ट ठाकुर श्री बांके बिहारी जी महाराज मंदिर की मैनेजमेंट कमेटी की याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। मंदिर में कथित चंदा चोरी को लेकर सीनियर एडवोकेट मनिंदर सिंह ने हाई पावर कमेटी की एक स्टेटस रिपोर्ट पेश की।

उन्होंने तस्वीरें भी पेश कीं और कहा कि मामले बहुत गंभीर हैं और इसमें तुरंत कार्रवाई की जरूरत है। उन्होंने कहा एक वीडियो है, तीन लोग गोलक यानी पारंपरिक दान पेटी के सामने खड़े होकर भक्तों से पैसे इकट्ठा कर रहे हैं और उन्हें अपनी पॉलीथीन की थैलियों में डाल रहे हैं। यह देखकर कोर्ट भी हैरान रह गया।

JBT/Prem Kaushik
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सुप्रीम कोर्ट ने दिया सख्त निर्देश   

सीनियर एडवोकेट की दलीलों पर कड़ा रुख अपनाते हुए बेंच ने कहा कोई संदेह नहीं रहना चाहिए और हम निर्देश देते हैं कि दान का हर पैसा दान पेटी या ऑनलाइन खाते में ही आना चाहिए।

सेवायत या किसी और की तरफ से इसमें कोई भी रुकावट डालने को बहुत गंभीरता से लिया जाएगा। मैनेजमेंट कमेटी को मंदिर के खजाने के लिए एक पारदर्शी सिस्टम लागू करना चाहिए।

कोर्ट ने साफ कहा कि मंदिर में आने वाले भक्तों की आस्था के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। दान का पैसा भगवान का है और वह सीधे मंदिर की तिजोरी में ही जाना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट के 4 बड़े निर्देश    

  1. सीधे तिजोरी में जाएगा चंदा: कोर्ट ने साफ किया कि मंदिर को दान में मिलने वाली एक एक पाई या तो निर्धारित दानपात्रों के माध्यम से या ऑनलाइन प्राप्त होकर सीधे मंदिर की तिजोरी में जानी चाहिए। किसी भी व्यक्ति को अपने हाथ से चंदा इकट्ठा करने की इजाजत नहीं होगी।
  2. कोई बाधा बर्दाश्त नहीं: सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सेवायतों या किसी अन्य व्यक्ति की ओर से दान की इस व्यवस्था में किसी भी तरह की बाधा को बहुत गंभीरता से लिया जाएगा। अगर कोई ऐसा करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
  3. पारदर्शिता सुनिश्चित हो: अदालत ने मंदिर की प्रबंधन समिति को दान की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एक ऐसी व्यवस्था लागू करने का निर्देश दिया जिससे किसी भी तरह की अनियमितता या गड़बड़ी को रोका जा सके।
  4. अदालत के सामने हर जानकारी: सुप्रीम कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि मंदिर के पैसे से संपत्ति खरीदने के प्रस्तावों को लेन देन पूरा होने से पहले अदालत के सामने रखा जाए।

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