नई दिल्ली: 28 फरवरी 2026 को ईरान पर हुए अमेरिकी हमले में पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी। अब नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई अपने पिता के खून का बदला लेने की ठान चुके हैं। इसी बीच ईरान के सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित एक वीडियो ने अमेरिकी खुफिया एजेंसियों में हड़कंप मचा दिया है।
ईरान के सरकारी टेलीविजन चैनल 3 पर प्रसारित और आईआरजीसी से जुड़े मीडिया द्वारा जारी इस वीडियो का शीर्षक है बैरन ट्रंप को कहां मारें। इसमें 20 वर्षीय बैरन की गतिविधियों का वर्णन किया गया है।
क्लिप में दावा किया गया है कि उन पर पूरी तरह नजर रखी जा रही है। वीडियो में बैरन के एक्सबॉक्स, फीफा वीडियो गेम और डिस्कॉर्ड अकाउंट्स का भी जिक्र किया गया है।
साथ ही यह आरोप लगाया गया कि एक लड़की ने सुरक्षा व्यवस्था को चकमा देकर एक निजी बैठक में बैरन के बगल में बैठ गई थी। वीडियो में 10 मिलियन डॉलर यानी करीब 96 करोड़ रुपये के इनाम की घोषणा भी की गई है। इस वीडियो के सामने आने के बाद अमेरिका में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं।
बता दें कि पिछले महीने ईरान के सरकारी टेलीविजन ने एक और वीडियो जारी किया था जिसमें अमेरिकी प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप को निशाना बनाया गया था। उस वीडियो के अंत में ध्यान बैरन पर केंद्रित करते हुए सीधी चेतावनी दी गई थी कि यह तो बस शुरुआत है, बैरन ट्रंप हमारा इंतजार करो।
मेलानिया को कहां मारें शीर्षक वाले वीडियो में प्रथम महिला को उनके काफिले में यात्रा करते और न्यूयॉर्क शहर के विभिन्न स्थानों का दौरा करते दिखाया गया था। इसमें उन लग्जरी डिजाइनर स्टोरों की भी पहचान की गई जहां वे खरीदारी करती हैं। वीडियो में उनकी खरीदारी यात्राओं को लेकर भड़काऊ टिप्पणी भी की गई थी।
मेलानिया और बैरन दोनों को अमेरिकी सीक्रेट सर्विस की चौबीसों घंटे सुरक्षा प्राप्त है। न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार वाइट हाउस, न्यूयॉर्क स्थित ट्रंप टॉवर, न्यू जर्सी का बेडमिंस्टर गोल्फ क्लब और फ्लोरिडा का मार-ए-लागो समेत ट्रंप परिवार की सभी संपत्तियां पूरी तरह सुरक्षित हैं।
यह वीडियो ऐसे समय में सामने आया है जब राष्ट्रपति ट्रंप ने सोमवार को कहा कि ईरान ढह रहा है। ट्रंप का ट्रुथ सोशल पर पोस्ट अमेरिकी वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट द्वारा फाइनेंशियल टाइम्स में लिखे लेख के कुछ घंटों बाद आया।
बेसेंट ने तेहरान के खिलाफ आर्थिक डी-डे शुरू होने की घोषणा की और चेतावनी दी कि जो देश इस्लामी गणराज्य का समर्थन जारी रखेंगे वे वैश्विक बहिष्कृत बन जाएंगे।
दूसरी ओर ईरान ने चुनौती भरे लहजे में जवाब देते हुए कहा कि अमेरिका के नए कदम सैन्य पराजय की स्वीकारोक्ति हैं। साथ ही अन्य देशों को वाशिंगटन की मदद करने के खिलाफ आगाह किया।