Book Review: ‘पोटली’ में सिमटी भावनाओं और यादों की दुनिया, जया शाह का काव्य-संग्रह देशभर में उपलब्ध

श्रीमती जया शाह, सेवानिवृत्त केंद्रीय सरकारी अधिकारी द्वारा रचित हिंदी कविताओं का एक काव्य-संग्रह ‘पोटली’ सुप्रसिद्ध प्रकाशन संस्था ‘हिंद युग्म’ द्वारा 25 अगस्त 2026 को प्रकाशित हो गई।

Date Updated Last Updated : 25 August 2026, 07:08 PM IST
फॉलो करें:
Courtesy: JBT

नई दिल्ली: श्रीमती जया शाह, सेवानिवृत्त केंद्रीय सरकारी अधिकारी द्वारा रचित हिंदी कविताओं का एक काव्य-संग्रह ‘पोटली’ सुप्रसिद्ध प्रकाशन संस्था ‘हिंद युग्म’ द्वारा 25 अगस्त 2026 को प्रकाशित हो गई। यह हिंद युग्म हिंदी साहित्य के सृजन एवं संवर्धन के लिए समर्पित प्रकाशन है। यह पुस्तक पाठकों के लिए ऑनलाइन Amazon और Flipkart पर और देशभर के बुक स्टोर्स पर उपलब्ध है।

भावनाओं और स्मृतियों की आत्मीय यात्रा है पोटली   

यह काव्य-संग्रह वर्षों से मन में संचित भावनाओं, अनुभूतियों और स्मृतियों की एक आत्मीय एवं संवेदनशील यात्रा है। इसकी प्रत्येक कविता जीवन से जुड़े अनुभवों, आसपास की दुनिया के सूक्ष्म अवलोकनों और ऐसे अनेक क्षणों की अभिव्यक्ति है जिनमें पाठक अपने जीवन की झलक सहज ही महसूस कर सकता है।

कविताओं की भाषा सरल, सहज और दिल को छूने वाली है। जया शाह ने जीवन के छोटे छोटे पलों को शब्दों में इस तरह पिरोया है कि पाठक खुद को उनसे जुड़ा हुआ महसूस करता है।

प्रेम से लेकर महामारी तक, विषयों की व्यापक विविधता   

इस संग्रह में विषयों की व्यापक विविधता दिखाई देती है। प्रेम और विरह, आशा और संघर्ष, त्योहार और परंपराएँ, प्रकृति की अनुपम छटा और बदलते मौसम, विभिन्न शहरों एवं देशों से जुड़ी स्मृतियाँ, अभूतपूर्व कोविड-19 महामारी तथा जीवन को गहराई से प्रभावित करने वाली अनेक घटनाएँ इस संग्रह का हिस्सा हैं।

प्रत्येक कविता जीवन और समाज को देखने का अपना विशिष्ट दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है। साधारण सी प्रतीत होने वाली रोजमर्रा की घटनाएँ कवयित्री की दृष्टि से गुजरकर गहरे अर्थ और संवेदना से भर उठती हैं। यह संग्रह पाठक को जीवन को नए नजरिए से देखने की प्रेरणा देता है।

रूढ़ियों को चुनौती देती एक सशक्त स्त्री की आवाज   

इस काव्य-संग्रह की सबसे विशिष्ट विशेषता एक ऐसी स्त्री की मुखर आवाज़ है जो सामाजिक रूढ़ियों और स्थापित धारणाओं को चुनौती देने का साहस रखती है। वह अपनी स्वतंत्र पहचान को सहजता से स्वीकार करती है और अपने भावों को पूरी ईमानदारी, निर्भीकता और संवेदनशीलता के साथ व्यक्त करती है।

उनकी कविताओं में विचारों की स्वतंत्रता, भावनात्मक दृढ़ता और आत्मसम्मान की स्पष्ट झलक दिखाई देती है। यह रचनाएँ एक ऐसी स्त्री के व्यक्तित्व को सामने लाती हैं जो अपनी शर्तों पर जीवन को समझती, जीती और अभिव्यक्त करती है।

सिर्फ कविता नहीं, जीवन-दृष्टि का दस्तावेज    

यह पुस्तक महज़ कविताओं का संकलन नहीं बल्कि भावनाओं, अनुभवों और जीवन-दृष्टि का एक जीवंत दस्तावेज है। यह पाठकों को जीवन को अधिक गहराई से महसूस करने, अपने अनुभवों पर ठहरकर विचार करने और रोजमर्रा की साधारण घटनाओं में छिपी असाधारण सुंदरता को पहचानने के लिए आमंत्रित करती है। जया शाह की कविताएँ पाठक के मन को छूते हुए उसे कुछ पल ठहरने, महसूस करने और स्वयं से संवाद करने का अवसर देती हैं।

सम्बंधित खबर