मुंबई: मुंबई से सटे नासिक में एक बहुराष्ट्रीय कंपनी से जुड़ा मामला सामने आया है, जिसने कार्यस्थल की सुरक्षा और सम्मान पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. इस कंपनी की महिला कर्मचारियों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों ने न केवल कंपनी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं, बल्कि यह भी दिखाया है कि शिकायतों को नजरअंदाज करने के क्या गंभीर परिणाम हो सकते हैं.
महिलाओं द्वारा किए गए शिकायत के आधार पर इस मामले में पुलिस ने टीम लीडर सहित छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है. उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न और धार्मिक भावनाओं को आहत करने जैसे गंभीर आरोपों में कुल नौ केस दर्ज किए गए हैं. जांच में सामने आया है कि ये घटनाएं पिछले चार साल के दौरान अलग-अलग समय पर हुईं, जिससे मामला और भी गंभीर हो जाता है.
पुलिस के अनुसार, आरोपियों द्वारा कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार कोई एक बार की घटना नहीं थी, बल्कि यह लंबे समय से जारी था. कई पीड़िताओं ने अलग-अलग तरीकों से उत्पीड़न का सामना किया, लेकिन समय पर कार्यवाही न होने से मामला बढ़ता गया.
जांच में यह भी सामने आया कि एक आरोपी ने एक महिला कर्मचारी को शादी का झूठा वादा कर उसके साथ बार-बार शारीरिक संबंध बनाए. वहीं एक दूसरी घटना में आरोपी ने एक कर्मचारी को गलत तरीके से छुआ.
इस तरह का व्यवहार वर्क प्लेस पर होना किसी के माहौल पर सवाल खड़े करती है. साथ ही महिला को वर्क प्लेस पर भी सुरक्षित न होने का एहसास कराती हैं.
पीड़ितों ने कई बार कंपनी के सीनियर्स से अपनी समस्याएं बताई शिकायत तक की लेकिन इसकी कोई सुनवाई नहीं हुई. अधिकारियों ने आरोपों को गंभीरता से नहाीं लिया. अधिकारियों के ऐसे रवैये ने आरोपियों के मनोबल को और बढ़ाया.
मामला यहीं तक नहीं थमा बल्कि एक आरोपी पुरुष ने तो जबरन नमाज पढ़ने के लिए कहा गया और उसके धर्म का मजाक उड़ाया गया. इसके अलावा, उसकी पर्सनल लाइफ शारीरिक बनावट को लेकर भी आपमान टिप्पणियां की.
पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है. गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां उन्हें पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है और पुलिस आगे की जांच कर रही है. जांच के अगले चरण में और भी तथ्यों के सामने आने की उम्मीद है, जो इस मामले की सच्चाई को पूरी तरह उजागर करेंगे.