'मिलर सही था...' आखिरी गेंद पर स्ट्राइक न देने से दिल्ली एक रन से हारी, गावस्कर-पीटरसन ने दिया मिलर का साथ

DC vs GT मैच में डेविड मिलर दिल्ली कैपिटल्स के लिए हीरो और विलेन दोनों की भूमिका निभाने वाले एक ही खिलाड़ी रहे. जिन्होंने अपनी तूफानी बल्लेबाजी से टीम को मुश्किल परिस्थितियों से तो निकाला लेकिन आखिरी ओवर में लिया गया उनका एक फैसला टीम पर भारी पड़ गया.

Date Updated Last Updated : 09 April 2026, 01:21 PM IST
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Courtesy: ANI

नई दिल्ली: IPL 2026 का 19वां सीजन दिन प्रतिदिन और रोमांचक होता जा रहा है. फैंस को ऐसा ही एक रोमांचक मैच कल देखने को मिला जहां ओवर की आखिरी गेंद तक यह तय नहीं था कि मैच किस करवट जाएगा. कल दिल्ली कैपिटल्स और गुजरात टाइटंस के बीच हुए मुकाबले जीटी महज एक रन से अपनी पहली जीत नसीब हुई. 

इस मैच में दिल्ली के लिए हीरो और विलेन की भूमिका निभाने वाले एक ही खिलाड़ी डेविड मिलर रहे. जिन्होंने अपनी तूफानी बल्लेबाजी से टीम को मुश्किल परिस्थितियों से तो निकाला लेकिन आखिरी ओवर में लिया गया उनका एक फैसला टीम पर भारी पड़ गया और जीत के करीब पहुंचकर भी दिल्ली को हार का सामना करना पड़ा. हालांकि अब भारत के पूर्व क्रिकेटर अब मिलर के इस फैसले का समर्थन कर रहे हैं. 

मिलर की किलर गलती के कारण हारी DC

DC vs GT के बीच ये मुकाबला बेहद कांटे का था, जहां आखिरी दो गेंदों पर दिल्ली को जीत के लिए महज दो रन चाहिए थे. लेकिन डेविड मिलर ने दूसरी आखिरी गेंद पर अपने साथी कुलदीप यादव को स्ट्राइक देने से मना कर दिया. उनका भरोसा था कि वे खुद आखिरी गेंद पर मैच खत्म कर देंगे, लेकिन अफसोस ऐसा नहीं हो सका और टीम एक रन से हार गई.

आखिरी ओवर का टर्निंग पॉइंट

मैच का सबसे अहम मोड़ वही रहा, जब मिलर ने सिंगल लेने से इनकार किया. उस समय कुलदीप दूसरे छोर पर मौजूद थे और पहले ही गेंद पर रन लेकर उन्होंने अपनी तत्परता दिखा दी थी. इसके बावजूद मिलर ने जोखिम खुद उठाने का फैसला किया, जो अंत में गलत साबित हुआ.

गावस्कर का नजरिया

हालांकि भारत के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने मिलर के फैसले को पूरी तरह गलत नहीं ठहराया. उनके अनुसार, मिलर को अपनी क्षमता पर पूरा भरोसा था और उन्होंने उसी आधार पर कुलदीप को स्ट्राइक न देने का फैसला किया था. गावस्कर ने यह जरूर कहा कि हालात को देखते हुए कुलदीप को स्ट्राइक देना बेहतर विकल्प हो सकता था. लेकिन मिलर ने इससे पिछले ओवर में जिस प्रकार की बल्लेबाजी की थी उन्हें उन पर पूरा भरोसा था. 

 पीटरसन ने भी किया समर्थन

इंग्लैंड के पूर्व कप्तान केविन पीटरसन ने भी मिलर का बचाव किया. उनका मानना है कि मिलर को विश्वास था कि वे आखिरी गेंद पर कम से कम एक रन जरूर बना लेंगे, इसलिए उन्होंने ये जोखिम लिया. 

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