बिहार सरकार ने पेश किया रिकॉर्ड तोड़ ₹3.47 लाख करोड़ का बजट, शिक्षा पर रिकॉर्ड खर्च, राज्य को मिले 5 नए एक्सप्रेसवे

बिहार सरकार ने ज्ञान, विज्ञान और आकांक्षाओं के सिद्धांतों पर आधारित ₹3.47 लाख करोड़ का ऐतिहासिक बजट पेश किया है. इसमें महिलाओं के रोजगार, पांच नए एक्सप्रेसवे और किसानों के लिए विशेष भत्ते का प्रावधान शामिल है.

Date Updated Last Updated : 03 February 2026, 05:44 PM IST
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पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार ने मंगलवार को बिहार विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹3,47,589.76 करोड़ का बजट पेश किया. वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने इस बजट को विकसित बिहार के विजन के रूप में बताया. प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नीतियों की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि यह बजट पिछले साल के बजट से ₹30,694.74 करोड़ ज्यादा है. यह शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और इंफ्रास्ट्रक्चर पर केंद्रित है, जो विकसित बिहार के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है.

सामाजिक न्याय के साथ चौतरफा विकास

राज्य के वित्त मंत्री ने साफ किया कि बजट का लक्ष्य सामाजिक न्याय के साथ चौतरफा विकास सुनिश्चित करना है. इस बार सरकार ने अपने टैक्स राजस्व से ₹65,800 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है. सामाजिक कल्याण योजनाओं के लिए ₹7,724 करोड़ का बड़ा आवंटन किया गया है. यह बजट न केवल राज्य की विकास दर बढ़ाने में मदद करेगा, बल्कि संसाधनों का समान वितरण भी सुनिश्चित करेगा. सरकार का मानना ​​है कि यह बजट बिहार के लोगों की आकांक्षाओं को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा.

महिलाओं का स्वरोजगार

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना इस बजट की एक बड़ी खासियत है, जिसका मकसद महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है. सरकार पहले ही 1.56 करोड़ महिलाओं के खातों में ₹10,000 ट्रांसफर कर चुकी है. अब इन महिलाओं को अपना छोटा व्यवसाय शुरू करने के लिए ₹2 लाख की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी. यह योजना NDA के लिए एक निर्णायक गेम-चेंजर साबित हो सकती है. इससे ग्रामीण इलाकों में महिला उद्यमियों की एक नई ताक़त बनेगी जो राज्य की प्रगति में योगदान देंगी.

इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार और नए एक्सप्रेसवे

बिहार की परिवहन व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए सरकार ने पांच नए एक्सप्रेसवे बनाने की घोषणा की है. इसके साथ ही, राज्य की सभी सिंगल-लेन सड़कों को डबल लेन में चौड़ा किया जाएगा. इंफ्रास्ट्रक्चर का यह विस्तार औद्योगिक निवेश को एक नई दिशा देगा. एक्सप्रेसवे न केवल यात्रा को आसान बनाएंगे, बल्कि स्थानीय उद्योगों को बड़े बाजारों तक पहुंचने में भी मदद करेंगे. इससे निर्माण क्षेत्र में लाखों नए रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है.

कृषि रोडमैप और किसान सम्मान निधि

किसानों के कल्याण के लिए बजट में जननायक कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि योजना की घोषणा की गई. इस योजना के तहत, किसानों को सालाना 3,000 रुपए सीधे उनके बैंक खातों में मिलेंगे. यह राशि केंद्र सरकार द्वारा दी जाने वाली सहायता के अतिरिक्त होगी. चौथा कृषि रोडमैप आधुनिक खेती और स्टार्टअप को बढ़ावा देगा. स्थानीय बाजारों को मजबूत करने से यह सुनिश्चित होगा कि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े. इन योजनाओं का लक्ष्य किसानों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और पहले से कहीं ज्यादा मजबूत बनाना है.

शहरी विकास और किफायती आवास योजना

बजट में मध्यम और निम्न-आय वर्ग के लोगों के लिए किफायती आवास उपलब्ध कराने पर विशेष ज़ोर दिया गया है. सरकार शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में किफायती घर बनाने की योजनाओं को तेजी से लागू करेगी. इससे न केवल लोगों को अपना घर मिलेगा, बल्कि उनके जीवन स्तर में भी काफी सुधार होगा. वित्त मंत्री के अनुसार, यह बजट ईमानदारी, सम्मान और विकास की प्रतिबद्धता को पूरा करता है. इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास और स्टार्टअप को बढ़ावा युवाओं के पलायन को रोकेगा और रोज़गार के नए रास्ते खोलेगा.

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