नई दिल्ली: सोमवार की सुबह जम्मू और कश्मीर के लिए कुछ खास नहीं रही. शून्य तापमान में जब लोग अपनी रजाईयों में सो रहे थे तभी धरती ने डोलना शुरु कर दिया और लोगो अपनी रजाई कंबल छोड़ घर के बाहर भागना पड़ा.
बता दें 2 फरवरी की सुबह जम्मू कश्मीर में भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिससे दहशत फैल गई और लोग घबराकर घरों से बाहर भागने लगे. मिली जानकारी के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.8 थी. साथ ही इसकी गहराई 10 किलोमीटर दर्ज की गई थी. बताया जा रहा है कि भूकंप सुबह 5.33 बजे आया था.
भूकंप ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह को प्रभावित किया. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, सोमवार सुबह अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में एक और भूकंप के झटके महसूस किए गए. भूकंप के झटके सुबह 3:31 बजे आए और रिक्टर स्केल पर इनकी तीव्रता 4.6 थी. भूकंप का केंद्र निकोबार क्षेत्र में 10 किलोमीटर की गहराई पर था. ज्ञात हो की 4 या उससे ज्यादा तीव्रता को तेज भूकंप के झटके मानते हैं.
EQ of M: 4.7, On: 02/02/2026 05:35:54 IST, Lat: 34.14 N, Long: 74.41 E, Depth: 10 Km, Location: Baramulla, Jammu & Kashmir.
— National Center for Seismology (@NCS_Earthquake) February 2, 2026
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कश्मीर में आया ये भूकपं काफी तेज रहा. झटका इतना तेज था कि इसके झटके कश्मीर के कई जगहों पर महसूस किए गए थे. ये भूकंप के झटके पुलवामा, श्रीनगर, शोपियां और चरार-ए-शरीफ समेत आसपास के इलाकों में महसूस किए गए थे.
इस घटना के बाद अब राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) ने राज्य में अलर्ट जारी कर दिए हैं. एसडीएमए के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अब तक किसी भी जिले से जानमाल के नुकसान की खबर तो नहीं आई है. सरकार और आपदा प्रबंधन लगातार इस घटना पर अपनी नजर बनाए हुए है. किसी भी प्रकार की गंभीर स्थिती होने पर तुरंत एक्शन लिया जाएगा. बताते चलें भूकंप से निकली ऊर्जा का आकलन लगभग 239 टन टीएनटी विस्फोट के बराबर किया गया.