सस्पेंशन की धमकी पर Gen Z कर्मचारी का काउंटर-अटैक! वर्चुअल मीटिंग के लिए ऑफिस बुलाने पर कर्मचारी ने दिया करारा जवाब

मौजूदा समय में एक Gen Z कर्मचारी का जवाब तेजी से वायरल हो रहा है. दरअसल कर्मचारी के बॉस ने उसे वर्चुअल मीटिंग के लिए सुबह 6:30 बजे बुलाया. कर्मचारी बॉस की इस बात से सहमत नहीं था तो उसने अपने कंपनी को मर्यादीत लेकिन करारा जवाब दिया.

Date Updated Last Updated : 03 February 2026, 04:07 PM IST
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Courtesy: Social Media

नई दिल्ली: आज के कॉर्पोरेट दौर में जहां वर्क-लाइफ बैलेंस और फ्लेक्सिबिलिटी पर बहस तेज़ हो गई है, वहीं दूसरी सोशल मीडिया पर एक Gen Z कर्मचारी का जवाब खूब धमाल मचा रहा है. आज के समय में अधिकतर लोगों की यह समस्या रहती है कि कॉरपोरेट में काम का प्रेशर काफी बढ़ गया है. जिसके खिलाफ अब लोग आवाज उठा रहे हैं.

अब सोशल मीडिया पर Gen Z कर्मचारी के चैट का एक स्क्रीनशॉट वायरल हो रहा है, जो 'वर्क फ्रॉम एनीवेयर' के दावे पर ही सवाल खड़ा करता है. कर्मचारी का शांत लेकिन सटीक जवाब अब नई पीढ़ी की सोच का प्रतीक बन गया है. मामला एक वर्चुअल मीटिंग से जुड़ा है, जिसे लेकर बॉस ने कर्मचारी को सुबह 7:00 बजे ऑनलाइन मीटिंग के लिए 6:30 बजे ऑफिस में मौजूद होने रहने का निर्देश दिया. इस बातचीत का स्क्रीनशॉट अब एक्स पर वायरल हो गया.

बॉस का सख्त संदेश

बता दें एक दिन बॉस ने मैसेज में कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए चेतावनी दी कि अगर कर्मचारी तय समय तक ऑफिस नहीं पहुंचा, तो इसे इनडिसिप्लिन माना जाएगा. यहां तक कहा गया कि नियम न मानने पर कंपनी की नीति के तहत उसे निलंबित कर दिया जा सकता है.

Gen Z कर्मचारी ने दिया करारा 

बॉस द्वारा भेजे गए इस धमकी भरे मैसेज के जवाब में कर्मचारी ने बिना आक्रामक और गुस्साए हुए साफ तौर पर अपनी बात रखी. उसने लिखा कि वर्चुअल मीटिंग में वह ऑनलाइन ही शामिल होगा, क्योंकि मीटिंग का स्वरूप ही ऐसा है. साथ ही उसने सस्पेंशन की धमकी को भी तर्कसंगत नहीं बताया. 

सोशल मीडिया की मिली-जुली प्रतिक्रिया

इस जवाब ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है. कुछ यूजर्स कर्मचारी का समर्थन कर रहे हैं वहीं कुछ उनका विरोध कर रहे हैं. कई लोगों ने कर्मचारी की स्पष्टता, आत्मविश्वास और तर्कशीलता की तारीफ की. वहीं कुछ यूजर्स ने सवाल उठाया कि अगर ऑफिस आना ही ज़रूरी था, तो मीटिंग वर्चुअल क्यों रखी गई.

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