नई दिल्ली: उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड ने अब अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है. जहाँ पिछले दो महीनों से पहाड़ों पर सूखा पड़ा था. वहीं अब पर्यटकों और किसानों के लिए अच्छी खबर आई है. मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक शुक्रवार से एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जो पहाड़ों पर भारी बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश का दौर शुरू करेगा.
दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 की शुरुआत पहाड़ी राज्यों के लिए काफी निराशाजनक रही थी. स्काईमेट और IMD के आंकड़ों के अनुसार, उत्तराखंड और हिमाचल में सामान्य से 90% कम बर्फबारी दर्ज की गई. अब 16 से 20 जनवरी के बीच जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में मध्यम से भारी बर्फबारी की संभावना है. गुलमर्ग, मनाली, शिमला और औली जैसे हिल स्टेशनों पर एक बार फिर सफेद चादर बिछने वाली है.
दिल्ली-यूपी-बिहार में कोल्ड अटैक
पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाओं ने मैदानी इलाकों को 'फ्रीजर' बना दिया है.
दिल्ली-NCR: यहां न्यूनतम तापमान 4-5 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है.
UP और बिहार: उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों में पारा 3 डिग्री तक लुढ़क गया है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त है.
कोहरे का कहर: विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम रह गई है, जिसके चलते दिल्ली और लखनऊ आने वाली दर्जनों ट्रेनें और उड़ानें देरी से चल रही हैं. IMD ने अगले 5 दिनों तक बिहार और उत्तर-पश्चिम भारत में 'घने से बहुत घने कोहरे' का अलर्ट जारी किया है.
ठंड का असर केवल उत्तर तक सीमित नहीं है। राजस्थान के जयपुर और जोधपुर में पाला पड़ने की चेतावनी दी गई है. वहीं, छत्तीसगढ़ के रायपुर और बिलासपुर में भी शीतलहर ने दस्तक दे दी है. कश्मीर में इस समय 'चिल्ला-ए-कलां' का सबसे कठिन दौर चल रहा है, जहाँ डल झील जमने लगी है और तापमान -6 डिग्री तक पहुंच गया है.
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 18 जनवरी से न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे सुधार होना शुरू होगा. हालांकि, पश्चिमी विक्षोभ के कारण पंजाब और हरियाणा के कुछ हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है, जिससे ठिठुरन बनी रहेगी.