Vice President Election 2025: देश में 9 सितंबर 2025 को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं. राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने इस बार सी.पी. राधाकृष्णन को अपना उम्मीदवार घोषित किया है. दक्षिण भारत से उम्मीदवार चुनने के फैसले ने राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है.
कुछ लोग इसे तमिलनाडु में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की स्थिति मजबूत करने की रणनीति मान रहे हैं. इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इन अटकलों पर विराम लगाते हुए उम्मीदवार चयन की वजह स्पष्ट की है. साथ ही, राधाकृष्णन के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से कनेक्शन को लेकर उठ रहे सवालों का भी जवाब दिया.
#WATCH | On opposition linking NDA's Vice Presidential candidate to Tamil Nadu Assembly elections, Union HM Amit Shah says, "No, it is not like that... It is natural for the Vice Presidential candidate to come from the South because the President was from the East, the Prime… pic.twitter.com/MJ59ubqc87
— ANI (@ANI) August 25, 2025
रणनीति या संतुलन?
अमित शाह ने स्पष्ट किया कि सी.पी. राधाकृष्णन का चयन तमिलनाडु में BJP की स्थिति मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा नहीं है. उन्होंने कहा, "हमने पहले भी तमिलनाडु में चुनाव लड़ा है और कई सीटें जीती हैं. उम्मीदवार का चयन क्षेत्रीय आधार पर नहीं, बल्कि राष्ट्रीय संतुलन को ध्यान में रखकर किया गया है." शाह ने आगे बताया कि राष्ट्रपति पूर्वी भारत से हैं, प्रधानमंत्री पश्चिमी और उत्तरी भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं, ऐसे में दक्षिण भारत से उपराष्ट्रपति उम्मीदवार चुनना स्वाभाविक है.
सी.पी. राधाकृष्णन का राजनीतिक करियर भी उनके चयन को मजबूती देता है. दो बार सांसद रह चुके राधाकृष्णन BJP के प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं और झारखंड, तेलंगाना, पुडुचेरी, और महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. शाह ने उनके स्वच्छ और पारदर्शी जीवन की सराहना करते हुए कहा, "उनका अनुभव और समर्पण उन्हें इस पद के लिए उपयुक्त बनाता है."
. #WATCH | On linking NDA's Vice Presidential candidate selection to RSS, Union HM Amit Shah says, "The Prime Minister has a connection with RSS, I also have a connection with RSS. Has the country chosen us because we are from RSS? Is having connection with RSS a minus point?… pic.twitter.com/K0E4rd45jT
— ANI (@ANI) August 25, 2025
RSS कनेक्शन गर्व की बात
राधाकृष्णन के RSS से संबंधों पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए अमित शाह ने बेबाकी से कहा, "RSS से संबंध होना कोई कमी नहीं, बल्कि गर्व की बात है." उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, स्वयं शाह, और BJP के कई दिग्गज नेता जैसे अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी भी RSS से जुड़े रहे हैं. शाह ने सवाल उठाया, "क्या RSS से जुड़ाव कोई नकारात्मक बात है? बिल्कुल नहीं." यह बयान RSS और BJP के गहरे रिश्तों को और स्पष्ट करता है.
NDA बनाम विपक्ष
9 सितंबर को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव में NDA के सी.पी. राधाकृष्णन का मुकाबला विपक्ष के उम्मीदवार, पूर्व जज बी. सुदर्शन रेड्डी से होगा. दोनों उम्मीदवारों के बीच कांटे की टक्कर होने की उम्मीद है. वोटिंग और परिणाम दोनों एक ही दिन, 9 सितंबर को घोषित होंगे. इस चुनाव में NDA और विपक्ष, दोनों अपनी-अपनी रणनीतियों के साथ मैदान में हैं.
उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 की यह जंग न केवल राजनीतिक दलों की ताकत का प्रदर्शन है, बल्कि क्षेत्रीय संतुलन और अनुभव के महत्व को भी रेखांकित करती है. अमित शाह के बयान ने साफ कर दिया है कि राधाकृष्णन का चयन योग्यता और राष्ट्रीय एकता को ध्यान में रखकर किया गया है. अब सभी की नजरें 9 सितंबर पर टिकी हैं, जब देश को अपना नया उपराष्ट्रपति मिलेगा.