‘परजीवी राजनीति’ वाले बयान पर बवाल, PM मोदी ने क्यों साधा कांग्रेस पर निशाना?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा कि सत्ता की लालसा में उसने अपने पुराने सहयोगी DMK को ही धोखा दे दिया. मोदी बोले, मुश्किल वक्त में साथ निभाने वाली DMK को कांग्रेस ने हालात बदलते ही छोड़ दिया.

Date Updated Last Updated : 10 May 2026, 04:28 PM IST
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Courtesy: ss @ani

तमिलनाडु में टीवीके प्रमुख विजय के मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण समारोह के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला. चेन्नई में जहां राहुल गांधी विजय के साथ मंच साझा कर रहे थे, वहीं पड़ोसी राज्य कर्नाटक में भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कांग्रेस को परजीवी पार्टी करार दिया.

बेंगलुरु में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर अपने सहयोगियों को धोखा देने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि सत्ता के लिए कांग्रेस किसी भी हद तक जा सकती है और मौका मिलते ही अपने पुराने सहयोगियों को छोड़ देती है.

DMK को छोड़ TVK के साथ जाने पर कांग्रेस पर निशाना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस के डीएमके से दूरी बनाकर टीवीके के साथ आने को लेकर हमला बोला. उन्होंने कहा, यह एक परजीवी पार्टी बन गई है. ये लोग लूटे हुए पैसों के लिए आपस में लड़ रहे हैं. मौका मिलते ही ये अपने सहयोगी को भी धोखा देने को तैयार हो जाती है. कांग्रेस ने शायद ही किसी पार्टी को धोखा दिया हो. पीएम मोदी ने कहा कि पिछले तीन दशकों में डीएमके ने कई बार कांग्रेस को संकट से बाहर निकाला था, लेकिन राजनीतिक परिस्थितियां बदलते ही कांग्रेस ने अपने सहयोगी को छोड़ दिया.

UPA दौर का भी किया जिक्र

प्रधानमंत्री ने कहा कि यूपीए-1 और यूपीए-2 के दौरान डीएमके ने कांग्रेस सरकार को कई बार मुश्किल हालात से बचाया था. इसके बावजूद अब कांग्रेस उसी सहयोगी के साथ विश्वासघात कर रही है. उन्होंने कांग्रेस पर सत्ता की लालसा में सहयोगियों को धोखा देने का आरोप लगाया.

कर्नाटक सरकार पर भी साधा निशाना

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में कर्नाटक की कांग्रेस सरकार को भी घेरा. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनता के मुद्दे सुलझाने के बजाय आंतरिक सत्ता संघर्ष में उलझी हुई है. उन्होंने कहा, पिछले तीन वर्षों से कर्नाटक में, लोगों की समस्याओं को हल करने के बजाय, सरकार का अधिकांश समय आंतरिक संघर्षों को सुलझाने में व्यतीत हुआ है. कांग्रेस सरकार नेतृत्व और सत्ता-साझाकरण व्यवस्थाओं को लेकर अनिश्चितता से घिरी रही.

सिद्धारमैया-डीके शिवकुमार विवाद का किया उल्लेख

प्रधानमंत्री ने बिना नाम लिए मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच चल रहे नेतृत्व विवाद की ओर भी इशारा किया.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब तक यह तय नहीं कर पाई है कि मुख्यमंत्री कितने समय तक पद पर रहेंगे और आगे नेतृत्व किसके हाथ में जाएगा. पीएम मोदी ने कहा, वे यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि मुख्यमंत्री कब तक पद पर रहेंगे. वे यह भी तय नहीं कर पा रहे हैं कि किसी और को मौका मिलेगा या नहीं. सब कुछ अधर में लटका हुआ है.

कांग्रेस पर झूठे वादों का आरोप

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस सरकारें कुछ महीनों में ही एंटी-इनकंबेंसी का सामना करने लगती हैं, क्योंकि पार्टी के पास शासन का स्पष्ट एजेंडा नहीं है. उन्होंने कहा, ऐसा इसलिए है क्योंकि कांग्रेस को सिर्फ लोगों को धोखा देना आता है. वे खुद झूठे हैं, और उनकी गारंटी भी झूठी है. कांग्रेस की सत्ता की किताब में शासन पर कोई अध्याय ही नहीं है.

भाजपा को बताया स्थिरता का प्रतीक

प्रधानमंत्री ने भाजपा और एनडीए को राजनीतिक स्थिरता और विकास का प्रतीक बताया. उन्होंने कहा कि देशभर के चुनाव परिणाम भाजपा के बढ़ते जनाधार का संकेत दे रहे हैं. उन्होंने पुडुचेरी में लगातार दूसरी बार एनडीए सरकार बनने, असम में दोबारा सत्ता में वापसी, पश्चिम बंगाल में भाजपा की बढ़त और गुजरात निकाय चुनावों में पार्टी की बड़ी जीत का भी जिक्र किया. पीएम मोदी ने कहा कि बेंगलुरु से भगवा सूरज उग रहा है और भाजपा का राजनीतिक विस्तार लगातार बढ़ रहा है.

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