'मैं खुद को सबसे फिट मानती थी, फिर कैंसर हुआ', जेरोधा के फाउंडर नितिन कामथ की पत्नी सीमा की प्रेरक कहानी

भारत की सबसे बड़ी स्टॉक ब्रोकिंग फर्म जेरोधा के फाउंडर और सीईओ नितिन कामथ ने सोशल मीडिया पर अपनी पत्नी सीमा कामथ की एक ऐसी कहानी साझा की है.

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मुंबई: भारत की सबसे बड़ी स्टॉक ब्रोकिंग फर्म जेरोधा के फाउंडर और सीईओ नितिन कामथ ने सोशल मीडिया पर अपनी पत्नी सीमा कामथ की एक ऐसी कहानी साझा की है, जो करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा बन गई है. कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी को मात देने के ढाई साल बाद, सीमा ने टाटा मुंबई मैराथन में 10 किलोमीटर की दौड़ महज 57 मिनट में पूरी कर सबको हैरान कर दिया.

नितिन कामथ ने टाटा मुंबई मैराथन में दिव्यांग लोगों के जोश को देखकर एक भावुक पोस्ट लिखी. उन्होंने कहा कि मैराथन में हिस्सा ले रहे लोगों का उत्साह शब्दों से परे है. उन्हें देखकर लगता है कि हमें अपनी जिंदगी में किसी भी चीज की शिकायत करने का कोई हक नहीं है." इसके साथ ही उन्होंने अपनी पत्नी की कैंसर यात्रा के बारे में एक ब्लॉग शेयर किया, जिसका शीर्षक है "मैं सबसे हेल्दी इंसान हूं जिसे मैं जानती हूं, और मुझे कैंसर हो गया."

नवंबर 2021 में मोशनल रोलर कोस्टर की शुरुआत

सीमा ने अपने ब्लॉग में बताया कि नवंबर 2021 में उन्हें स्टेज-2 ब्रेस्ट कैंसर का पता चला था. यह उनके लिए एक बड़ा झटका था क्योंकि वह अपनी सेहत और फिटनेस का बहुत ध्यान रखती थीं. उन्होंने लिखा, "मुझे कोई लक्षण नहीं थे, एक रूटीन चेकअप (मैमोग्राम) में छोटी सी गांठ का पता चला." सीमा ने बताया कि कैंसर का नाम सुनते ही वह भावनात्मक रूप से टूट गई थीं, लेकिन परिवार के साथ ने उन्हें मजबूती दी.

पति-पत्नी ने साथ में मुंडवाया सिर

इलाज के दौरान कीमोथेरेपी से बाल झड़ना किसी भी महिला के लिए सबसे कठिन दौर होता है. सीमा ने एक बेहद यादगार पल साझा किया जब उन्होंने अपने बाल कटवाने का फैसला किया, तो नितिन ने भी उनके समर्थन में अपना सिर मुंडवा लिया. सीमा ने लिखा, "मेरे आसपास गंजे नितिन के होने से मुझे अपना नया लुक पसंद आने लगा." इस जेस्चर ने उनके बेटे के लिए भी इस बदलाव को सामान्य बना दिया.

समाज को संदेश

सीमा ने अपनी कहानी के जरिए दो महत्वपूर्ण बातें कही हैं कि ले ही आप फिट महसूस करें, रेगुलर हेल्थ चेकअप जरूर कराएं। कैंसर का जल्दी पता चलना ही बचाव का सबसे बड़ा जरिया है. भारत में इस बीमारी को लेकर जो शर्म या हिचक है, उसे खत्म कर खुलकर बात करने की जरूरत है.