नई दिल्ली: ब्रेकअप के बाद मन कई तरह की भावनाओं से घिर जाता है. कभी पुराने साथी को फोन करने का मन करता है, कभी उनकी सोशल मीडिया प्रोफाइल देखने की इच्छा होती है और कभी लगता है कि किसी नए रिश्ते के सहारे सब कुछ जल्दी ठीक हो जाएगा. लेकिन भावनाओं के इस दौर में लिए गए फैसले कई बार स्थिति को आसान करने के बजाय और मुश्किल बना देते हैं.
किसी रिश्ते के खत्म होने के बाद सिर्फ एक इंसान जिंदगी से दूर नहीं होता, बल्कि रोज की बातचीत, मिलने की आदत, छोटी-छोटी चीजें और भविष्य से जुड़ी कई उम्मीदें भी अचानक बदल जाती हैं. इसलिए शुरुआत के दिन काफी भारी लग सकते हैं. ऐसे समय में खुद को थोड़ा समय देना जरूरी है. अगर आपका हाल ही में ब्रेकअप हुआ है, तो भावनाएं शांत होने तक इन पांच कामों से दूरी बनाकर रखना बेहतर हो सकता है.
ब्रेकअप के बाद सबसे ज्यादा इच्छा अक्सर आखिरी बार बात करने की होती है. आपको लग सकता है कि एक बातचीत से गलतफहमी दूर हो जाएगी या कोई अधूरी बात पूरी हो जाएगी. कई बार माफी मांगने, सफाई देने या रिश्ते को एक और मौका देने के लिए भी लगातार संपर्क करने का मन करता है.
लेकिन भावनाएं जब बहुत ज्यादा तेज हों, तब बातचीत आसानी से बहस या नए सवालों में बदल सकती है. सामने वाले का जवाब आपकी उम्मीद के मुताबिक न मिलने पर दुख और बढ़ सकता है. अगर कोई जरूरी बात कहनी है, तो उसे भेजने से पहले थोड़ा रुकें. खासकर देर रात भावुक होकर लिखा गया मैसेज सुबह आपको सही फैसला नहीं लग सकता. हर सवाल का जवाब पूर्व साथी से मिलना जरूरी नहीं है. कई बार आगे बढ़ने के लिए अधूरी बात को स्वीकार करना ही बेहतर होता है.
ब्रेकअप के बाद सोशल मीडिया सबसे बड़ा जाल बन सकता है. एक बार प्रोफाइल देखने के बाद आप उनकी नई पोस्ट, स्टोरी, लाइक्स, फॉलोअर्स और दोस्तों की गतिविधियां देखने लगते हैं. इसके बाद किसी तस्वीर या कमेंट का मतलब निकालने में काफी समय निकल जाता है.
समस्या यह है कि ऑनलाइन दिखाई देने वाली हर चीज पूरी सच्चाई नहीं बताती. फिर भी आप छोटी-सी पोस्ट को अपने रिश्ते से जोड़कर परेशान हो सकते हैं. अगर उनकी प्रोफाइल देखने से पुरानी यादें और दर्द बढ़ रहा है, तो कुछ समय के लिए उन्हें म्यूट या अनफॉलो करना ठीक है. यह बदला नहीं, बल्कि अपनी मानसिक शांति के लिए बनाई गई एक सीमा है.
ब्रेकअप के बाद अकेलापन काफी परेशान कर सकता है. ऐसे में किसी नए व्यक्ति का साथ अच्छा लगना स्वाभाविक है. लेकिन केवल पुराने रिश्ते का दर्द भूलने के लिए तुरंत नया रिश्ता शुरू करना सही फैसला नहीं हो सकता. आप नए व्यक्ति की तुलना अपने पूर्व साथी से कर सकते हैं या उसमें पुराने साथी जैसी खूबियां तलाशने लग सकते हैं. कभी-कभी नया रिश्ता खुद को यह साबित करने का जरिया भी बन जाता है कि आप आगे बढ़ चुके हैं. इसलिए सवाल यह नहीं है कि ब्रेकअप के कितने दिन बाद डेटिंग शुरू करनी चाहिए. असली बात यह है कि क्या आप नए व्यक्ति को बिना पुराने रिश्ते का बोझ साथ रखे जानने के लिए तैयार हैं.
दिल टूटने के बाद अचानक सब कुछ बदल देने का मन कर सकता है. कोई नौकरी छोड़ने, शहर बदलने, बहुत ज्यादा पैसे खर्च करने या अपने जीवन में बड़ा बदलाव करने का फैसला ले सकता है. हर बदलाव गलत नहीं होता. लेकिन भावनाओं के सबसे कठिन दौर में लिए गए फैसलों पर बाद में पछतावा हो सकता है. इसलिए ऐसे निर्णयों के लिए खुद को थोड़ा समय देना बेहतर है जिन्हें वापस बदलना आसान नहीं होता. नई शुरुआत करना अच्छी बात है, लेकिन किसी दर्द से बचने के लिए जल्दबाजी में सब कुछ बदल देना अलग बात है.
दुख में अप्रत्यक्ष पोस्ट, भावुक स्टोरी या रहस्यमयी संदेश साझा करना आसान लगता है. कई बार मन में यह भी होता है कि पूर्व साथी वह पोस्ट देखे और उसे समझ आए कि आपको कितना दुख हुआ है. लेकिन इंटरनेट पर डाली गई चीज हमेशा आपके नियंत्रण में नहीं रहती. इसलिए पोस्ट करने से पहले खुद से पूछें कि क्या आप अगले दिन भी उसे सार्वजनिक रखना चाहेंगे. अगर जवाब साफ नहीं है, तो उसे पोस्ट न करना बेहतर है.
किसी भरोसेमंद दोस्त से बात करें, अपनी भावनाएं लिखें, थोड़ा बाहर टहलें या कुछ समय अकेले बिताएं. ब्रेकअप के बाद हर किसी के सामने मजबूत दिखना जरूरी नहीं है. खुद को समय देना भी आगे बढ़ने का एक हिस्सा है.