US Tariff On India: अमेरिकी मार्क्सवादी अर्थशास्त्री रिचर्ड वोल्फ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत के खिलाफ टैरिफ नीति की कड़ी आलोचना की है. उन्होंने इसे 'चूहे का हाथी को मुक्का मारने' जैसा बताया. वोल्फ के अनुसार, भारत पर 50% टैरिफ लागू करना, जिसमें रूस से तेल खरीद के लिए 25% अतिरिक्त शुल्क शामिल है, अमेरिका के लिए आत्मघाती कदम है.
संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार, भारत अब जनसंख्या के मामले में विश्व का सबसे बड़ा देश है. ऐसे में, अमेरिका का भारत को दबाव में लाने की कोशिश न केवल अव्यवहारिक है, बल्कि यह वैश्विक आर्थिक संतुलन को भी प्रभावित कर सकता है.
ब्रिक्स को मिलेगा अप्रत्याशित लाभ
वोल्फ ने चेतावनी दी कि ट्रंप की नीतियां भारत को ब्रिक्स देशों- रूस, चीन, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान और यूएई के साथ अपने व्यापारिक रिश्ते मजबूत करने के लिए प्रेरित करेंगी. भारत अपने निर्यात के लिए नए बाजार तलाश सकता है, जिससे ब्रिक्स देशों का आर्थिक प्रभाव बढ़ेगा.
ब्रिक्स का लक्ष्य पश्चिमी वित्तीय प्रभुत्व को चुनौती देना और अमेरिकी डॉलर के विकल्प तलाशना है. वोल्फ ने एक पॉडकास्ट में कहा कि ब्रिक्स देश वैश्विक उत्पादन में 35% हिस्सेदारी रखते हैं, जबकि जी7 की हिस्सेदारी घटकर 28% रह गई है. यह बदलता आर्थिक परिदृश्य ट्रंप की नीतियों को और जटिल बना सकता है.
ट्रंप की ब्रिक्स को खारिज करने की कोशिश
डोनाल्ड ट्रंप ने बार-बार ब्रिक्स को कमजोर और असफल समूह करार दिया है. फरवरी में उन्होंने दावा किया था कि ब्रिक्स खत्म हो चुका है और धमकी दी थी कि यदि ब्रिक्स ने अपनी मुद्रा शुरू की तो अमेरिका 100% टैरिफ लागू करेगा.
हालांकि, वोल्फ का मानना है कि भारत जैसे देश को छोटा समझना अमेरिका की भूल है. भारत का ऐतिहासिक और जटिल रिश्ता अमेरिका के साथ रहा है, और ट्रंप का यह कदम भारत को अमेरिका से दूर कर सकता है, जिससे एशिया में नया आर्थिक और राजनीतिक संतुलन बन सकता है.
भारत की दृढ़ प्रतिक्रिया
भारत ने ट्रंप के टैरिफ को गलत और जल्दबाजी में लिया गया फैसला करार दिया है. भारतीय रिजर्व बैंक ने ब्रिक्स देशों के साथ रुपये में व्यापार को बढ़ावा देने के लिए बैंकों को वोस्ट्रो खाते खोलने की अनुमति दी है. यह कदम वैश्विक व्यापार में भारत की स्थिति को और मजबूत कर सकता है.