पाकिस्तान सरकार ने डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए किया नामित, आखिर क्यों किया ऐसा 

पाकिस्तान सरकार ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को 2026 के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए आधिकारिक रूप से नामांकित करने की घोषणा की है. इस निर्णय का आधार भारत-पाकिस्तान के बीच मई 2025 में हुए सैन्य तनाव को कम करने में ट्रंप की कथित कूटनीतिक भूमिका को बताया गया है.

Date Updated Last Updated : 21 June 2025, 12:57 PM IST
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Nobel Peace Prize: इस समय पूरी दुनिया तबाही से डरी हुई है और डर है कि कहीं तीसरा विश्व युद्ध न हो जाए. ऐसे में एक तरफ रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा है. वहीं दूसरी तरफ इजरायल ईरान पर हमला करने से बाज नहीं आ रहा है. लोगों को उम्मीद थी कि अमेरिका भी इस युद्ध में उतर सकता है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.

अभी तक अगर कोई देश खुलकर इजरायल के साथ आया है तो वो है यूएई. इसके अलावा अभी तक कोई और देश नहीं आया है. दुनिया का सबसे ताकतवर देश अमेरिका भी इस युद्ध में शामिल होने की बात करता है, लेकिन अभी तक खुलकर सामने नहीं आया है.

भारत-पाक तनाव और ट्रंप की भूमिका

वही पाकिस्तान सरकार ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को 2026 के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए आधिकारिक रूप से नामांकित करने की घोषणा की है. इस निर्णय का आधार भारत-पाकिस्तान के बीच मई 2025 में हुए सैन्य तनाव को कम करने में ट्रंप की कथित कूटनीतिक भूमिका को बताया गया है.पाकिस्तान का दावा है कि ट्रंप ने अपनी गुप्त कूटनीति और समयबद्ध हस्तक्षेप से दो परमाणु-संपन्न देशों के बीच संभावित युद्ध को टाला.

पाकिस्तान का दावा 

पाकिस्तान ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप ने इस्लामाबाद और नई दिल्ली के बीच संवाद स्थापित कर शांति बहाल की.” हालांकि, भारत ने इन दावों को सिरे से खारिज किया है. भारतीय विदेश सचिव विक्टर मिश्रा ने स्पष्ट किया कि युद्धविराम दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों की सीधी बातचीत का परिणाम था, न कि किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता का.

पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने 18 जून को व्हाइट हाउस में ट्रंप से मुलाकात की थी. इस मुलाकात को पाकिस्तान ने अपनी कूटनीतिक जीत बताया. मुनीर ने पहले ही ट्रंप के नामांकन की वकालत की थी, जिसके बाद यह औपचारिक घोषणा की गई. 

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