पुतिन–ट्रंप कॉल का लीक ट्रांसक्रिप्ट सामने आया, तारीफ के सहारे कूटनीति साधने की रणनीति का खुलासा

अमेरिकी राजनीति और कूटनीति के गलियारों में हलचल मचा देने वाली एक कथित लीक फोन कॉल ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उनके शीर्ष सलाहकारों के बीच बातचीत की नई परतें खोल दी हैं.

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Trump-Putin Call Leaked: अमेरिकी राजनीति और कूटनीति के गलियारों में हलचल मचा देने वाली एक कथित लीक फोन कॉल ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उनके शीर्ष सलाहकारों के बीच बातचीत की नई परतें खोल दी हैं. ब्लूमबर्ग द्वारा प्रकाशित इस बातचीत के ट्रांसक्रिप्ट से संकेत मिलता है कि ट्रंप की प्रशंसा-प्रिय छवि को ध्यान में रखते हुए रूसी पक्ष को विशेष रणनीति अपनाने की सलाह दी गई थी.

लीक कॉल ने खोले कूटनीतिक परदे

2025 में हुई एक अंतरराष्ट्रीय व्हाट्सऐप कॉल की कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आने के बाद अमेरिका और रूस के बीच संभावित कूटनीतिक समीकरणों को लेकर नई बहस शुरू हो गई है. रिपोर्ट के अनुसार, यह बातचीत 14 अक्टूबर 2025 को ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के विदेश नीति सलाहकार यूरी उषाकोव के बीच हुई थी.

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस बातचीत में विटकॉफ ने उषाकोव को सुझाव दिया कि पुतिन जब भी डोनाल्ड ट्रंप से बात करें तो उनकी खुलकर प्रशंसा करें. विटकॉफ के अनुसार, “ट्रंप को तारीफ बेहद पसंद है, और इसी के माध्यम से उनके साथ कई बातें सहजता से आगे बढ़ाई जा सकती हैं.”

पुतिन के लिए ‘स्क्रिप्ट’ जैसी सलाह?

विटकॉफ ने उषाकोव से कहा कि पुतिन फोन पर ट्रंप को गाजा युद्धविराम के लिए बधाई दें, उन्हें “गाजा का शांति नायक” और “विश्व शांति का नेतृत्वकर्ता” बताएं. विटकॉफ के मुताबिक, ऐसी शुरुआत के बाद पुतिन अपने यूक्रेन युद्ध समाधान के रूसी प्रस्ताव को ट्रंप के सामने आसानी से रख सकेंगे. यह बातचीत खास इसलिए मानी जा रही है क्योंकि इसके दो दिन बाद 16 अक्टूबर 2025 पुतिन और ट्रंप की मुलाकात भी हुई थी.

विटकॉफ की बातचीत का अहम हिस्सा

रिपोर्ट में उद्धृत ट्रांसक्रिप्ट के मुताबिक, विटकॉफ ने उषाकोव को भरोसा दिलाया कि ट्रंप रूस की शांति पहल सुनने के लिए तैयार हैं. उन्होंने यहां तक कहा कि शायद गाजा की तरह ही “20-पॉइंट पीस प्रपोजल” भी प्रस्तुत किया जा सकता है. विटकॉफ ने यह भी दावा किया कि उन्होंने ट्रंप को बताया है कि रूस हमेशा से शांति समझौते की इच्छा रखता है और दोनों देशों के बीच मुख्य समस्या पारस्परिक अविश्वास है.

ट्रंप और रूस की प्रतिक्रियाएँ

ट्रांसक्रिप्ट सामने आने के बाद ट्रंप ने इसे “बातचीत का सामान्य तरीका” बताया और कहा कि इसमें कोई असामान्य बात नहीं है. वहीं रूस ने इस लीक को यूक्रेन शांति वार्ता को कमजोर करने का प्रयास बताया है. रूस का कहना है कि सलाहकार स्तर पर हुई इस कॉल की रिकॉर्डिंग को बाहर लाना अंतरराष्ट्रीय बातचीत को प्रभावित करने वाली साजिश का हिस्सा है.