ईरान ने किया साफ इनकार! अमेरिका से बातचीत नहीं, अब सिर्फ प्रतिरोध... 15 सूत्री प्लान पर सस्पेंस

मध्य पूर्व में बढ़ रहे तनाव के बीच एक ओर जहां अमेरिका ईरान से बातचीत की बात कर रहा है, वहीं ईरान ने साफ संकेत दे दिए हैं कि वह फिलहाल किसी भी तरह की वार्ता के मूड में नहीं है.

Date Updated Last Updated : 26 March 2026, 08:22 AM IST
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Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच कूटनीतिक बयानबाजी और भी तेज हो गई है. जहां एक ओर अमेरिका बातचीत की बात कर रहा है, वहीं ईरान ने साफ संकेत दे दिए हैं कि वह फिलहाल किसी भी तरह की वार्ता के मूड में नहीं है. इस टकराव ने क्षेत्रीय हालात को और गंभीर बना दिया है.

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने स्पष्ट रूप से कहा कि उनका देश अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत करने का इरादा नहीं रखता. उन्होंने सरकारी टीवी पर कहा कि वर्तमान स्थिति में ईरान की नीति प्रतिरोध जारी रखने की है और अब तक कोई औपचारिक वार्ता नहीं हुई है.

ईरान ने बातचीत से किया साफ इनकार

अराघची ने कहा कि इस समय बातचीत की बात करना कमजोरी या हार मानने जैसा होगा. उनका मानना है कि ईरान अपने सिद्धांतों पर कायम है और दबाव में आकर कोई समझौता नहीं करेगा. उन्होंने यह भी दोहराया कि अब तक अमेरिका के साथ किसी तरह की सीधी बातचीत नहीं हुई है.

अमेरिका की कड़ी चेतावनी

दूसरी ओर व्हाइट हाउस ने ईरान को सख्त संदेश दिया है. प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने कहा कि अगर शांति समझौता नहीं हुआ, तो गंभीर परिणाम हो सकते हैं. उन्होंने यह भी दावा किया कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी है और उसे सकारात्मक बताया.

15 सूत्री प्रस्ताव पर स्थिति

इस बीच पाकिस्तान के जरिए एक प्रस्तावित 15 सूत्री योजना की खबरें सामने आई हैं, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में जारी संघर्ष को समाप्त करना है. इस पर अराघची ने कहा कि ऐसे सुझाव विभिन्न माध्यमों से साझा किए गए हैं और इन्हें देश के वरिष्ठ नेतृत्व तक पहुंचाया गया है, लेकिन अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है.

अप्रत्यक्ष संपर्क जारी

ईरान ने यह स्वीकार किया कि कुछ मित्र देशों या अन्य माध्यमों के जरिए संदेशों का आदान-प्रदान हो रहा है. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इसे औपचारिक बातचीत या वार्ता नहीं कहा जा सकता.

मजबूत है ईरान सुरक्षा ढांचा

विदेश मंत्री ने कहा कि ईरान ने इस संघर्ष के दौरान अपनी क्षमता और प्रतिक्रिया की ताकत दिखाई है. उनके अनुसार, देश ने अपने तरीके से एक मजबूत सुरक्षा ढांचा तैयार किया है, जिससे यह स्पष्ट संदेश गया है कि ईरान को उकसाने के गंभीर परिणाम हो सकते हैं.

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