मेडिकल चेकअप के बाद अदियाला जेल पहुंचे इमरान खान, डॉक्टरों ने दी फिटनेस रिपोर्ट

छह डॉक्टरों की मेडिकल जांच के बाद इमरान खान को शिफा इंटरनेशनल अस्पताल से वापस अदियाला जेल भेज दिया गया है. उनकी जेल वापसी से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है.

Date Updated Last Updated : 21 August 2026, 11:51 AM IST
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नई दिल्ली: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक इमरान खान को इलाज के बाद दोबारा अदियाला जेल भेज दिया गया है. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद उन्हें जेल से शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ले जाया गया था. अस्पताल में मेडिकल जांच के बाद डॉक्टरों की टीम ने उनकी स्थिति को ठीक बताया, जिसके बाद उन्हें वापस जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू हुई.

छह डॉक्टरों की टीम ने की जांच

इमरान खान की सेहत का जायजा लेने के लिए छह डॉक्टरों की टीम ने उनकी जांच की. रिपोर्ट के मुताबिक, डॉक्टरों ने माना कि इमरान खान की हालत ऐसी है कि वह जेल में रह सकते हैं. इसके बाद उन्हें अस्पताल में रखने की जरूरत नहीं समझी गई और सुरक्षा के बीच वापस अदियाला जेल पहुंचाया गया.

इमरान खान की अस्पताल से जेल वापसी के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए. उनके आने-जाने वाले रास्ते पर पुलिस की तैनाती रही और अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी.

राजनीतिक समझौते की चर्चाओं ने बढ़ाया सस्पेंस

इमरान खान की जेल से अस्पताल और फिर जेल वापसी के बीच पाकिस्तान की राजनीति में कई तरह की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं. कुछ रिपोर्टों और राजनीतिक सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि इमरान खान और सेना के बीच किसी संभावित समझौते को लेकर पर्दे के पीछे बातचीत हो सकती है. हालांकि, इस तरह के दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. PTI या पाकिस्तानी सरकार की ओर से किसी गुप्त समझौते की पुष्टि नहीं की गई है.

क्या इमरान खान की होगी राजनीतिक वापसी?

इमरान खान की पार्टी के रुख में बदलाव को लेकर भी चर्चा चल रही है. कुछ सूत्रों का दावा है कि आने वाले समय में इमरान खान को राजनीतिक मुख्यधारा में वापस लाने की कोशिश हो सकती है. संभावित तौर पर पहले मेडिकल और जेल से जुड़ी राहत, फिर कानूनी मामलों में नरमी और उसके बाद राजनीतिक गतिविधियों की अनुमति जैसे कदम उठाए जाने की अटकलें हैं.

हालांकि, फिलहाल इमरान खान जेल में हैं और उनकी राजनीतिक वापसी या किसी समझौते को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. ऐसे में पाकिस्तान की राजनीति में आगे क्या होता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है.

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