आज जारी होगी यूपी की ड्राफ्ट मतदाता सूची, लाखों नहीं बल्कि करोड़ों वोटरों के नाम कटने की आशंका

यूपी में वोटर लिस्ट के SIR की प्रक्रिया अब पूरी हो गई है. प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब मंगलवार को ड्राफ्ट मतदाता सूची ड्राफ्ट की जाएगी. इस प्रक्रिया में एक बड़ा आंकड़ा सामने आया है. करीब 1 करोड़ मतदाताओं की मैपिंग पूरी नहीं हो पाई है.

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लखनऊ: यूपी में वोटर लिस्ट के SIR की प्रक्रिया अब पूरी हो गई है. प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब मंगलवार को ड्राफ्ट मतदाता सूची ड्राफ्ट की जाएगी. इस प्रक्रिया में एक बड़ा आंकड़ा सामने आया है. करीब 1 करोड़ मतदाताओं की मैपिंग पूरी नहीं हो पाई है. ऐसे मतदाताओं को इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) की तरफ से नोटिस भेजा जाएगा.

बता दें निर्वाचन आयोग दोपहर 3 बजे लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए इस पूरी प्रक्रिया से जुड़े आंकड़े सार्वजनिक करेंगे. मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिणवा मीडिया के सामने आकर इस बारे में पूरी जानकारी देंगे. 

आज 3 बजे होगी प्रेस कॉन्फ्रेंस

पूरे मामले को लेकर आज दोपहर 3 बजे लखनऊ में निर्वाचन आयोग द्वारा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की जानी है. मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में  ड्राफ्ट सूची के आंकड़े, नाम कटने के कारण और आगे की प्रक्रिया की जानकारी देंगे. इस कारण प्रेस कॉन्फ्रेंस पर लोगों की खासा नजर बनी हुई है. 

6 फरवरी तक कर सकते हैं दावा और आपत्ति

ड्राफ्ट मतदाता सूची के जारी होते ही दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है. यदि किसी मतदाता का नाम गलती से कट गया है या नाम में कोई गलती है, तो वह आज से 6 फरवरी तक अपना दावा या आपत्ति दर्ज करा सकता है.

वोटर्स अपने दावे और आपत्तियां आज से 6 फरवरी तक दर्ज करा सकते हैं. इसके अलावा समस्या का समाधान  7 फरवरी से 27 फरवरी तक होगी. वहीं अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 6 मार्च को होगा. 

लखनऊ में सबसे ज्यादा नाम कटने की आशंका

SIR की पूरी प्रक्रिया में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से जुड़े आंकड़ों की चर्चा सबसे ज्यादा है. सूत्रों के मुताबिक, यहां से करीब 12 लाख मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची से बाहर होने की संभावना है.

जिला निर्वाचन अधिकारी के अनुसार करीब 4.57 लाख मतदाता दिए गए पते पर नहीं मिले, वहीं लगभग 1.27 लाख मतदाता की मृत्यु हो चुकी है. इसके अलावा 5.39 लाख मतदाता दूसरी विधानसभा या जिले में शिफ्ट हो चुके हैं. कुछ मतदाताओं ने गणना फॉर्म भरने से ही मना कर दिया, जिस कारण उनके नाम भी ड्राफ्ट सूची से बाहर हो गए हैं.

2003 के आधार पर तैयार हो रही सूची 

निर्वाचन अधिकारियों ने साफ किया है कि 2003 की मतदाता सूची को आधार मानकर ही आगे की प्रक्रिया की जा रही है. जिन मतदाताओं या उनके माता-पिता का नाम उस सूची में दर्ज था, उनकी मैपिंग पहले ही पूरी कर ली गई है और उनके नाम सुरक्षित रखे गए हैं. जिनका नाम या जिनके अभिभावकों का नाम 2003 की सूची में नहीं मिला है, उन्हें दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाएगा.