मथुरा के ‘मिनी जामताड़ा’ में पुलिस का बड़ा एक्शन: 200 से ज्यादा पुलिसकर्मियों ने की छापेमारी कार्यवाही, 45 हिरासत में

मथुरा के कथित ‘मिनी जामताड़ा’ कहे जाने वाले बॉर्डर क्षेत्र में साइबर ठगों के खिलाफ पुलिस ने एक बार फिर बड़ा अभियान चलाया.

Date Updated Last Updated : 22 February 2026, 02:28 PM IST
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Courtesy: Salam Hindustan

मथुरा: मथुरा के कथित ‘मिनी जामताड़ा’ कहे जाने वाले बॉर्डर क्षेत्र में साइबर ठगों के खिलाफ पुलिस ने एक बार फिर बड़ा अभियान चलाया. रविवार सुबह करीब 6 बजे 200 से अधिक पुलिसकर्मियों ने 20 से ज्यादा गाड़ियों के काफिले के साथ शेरगढ़ क्षेत्र के दो गांवों विशंभरा और जांघवली में एक साथ दबिश दी. इस दौरान एसपी देहात सुरेश चंद्र रावत स्वयं मौके पर मौजूद रहे और पूरी कार्रवाई की कमान संभाली.

पुलिस ने गांव को घेरा

सुबह-सुबह पुलिस टीम को गांव में देखते ही अफरा-तफरी मच गई. कई लोग घरों से निकलकर इधर-उधर भागने लगे, तो कुछ खेतों और पगडंडियों के रास्ते छिपने का प्रयास करने लगे. पुलिस ने पूरे गांव को चारों ओर से घेर लिया और भाग रहे संदिग्धों को दौड़ाकर पकड़ा. करीब पांच घंटे तक चले इस सघन सर्च ऑपरेशन में 45 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया. सभी को शेरगढ़ थाने लाकर पूछताछ की जा रही है.

पुलिस को चकमा देकर फरार हुए 20 साइबर ठग

पुलिस को आशंका है कि हिरासत में लिए गए युवक संगठित साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं. सूत्रों के अनुसार, छापेमारी के दौरान कुछ संदिग्ध पगडंडियों के सहारे राजस्थान सीमा की ओर भाग निकले. अनुमान है कि 20 से अधिक साइबर ठग पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए.

ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार बन रहे लोग

दरअसल, मथुरा के बॉर्डर क्षेत्र के करीब 8 से 10 गांव लंबे समय से साइबर ठगी के हॉटस्पॉट माने जा रहे हैं. यहां से संचालित गिरोह देश-विदेश के लोगों को ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार बना रहे हैं. फर्जी कॉल सेंटर, बैंक अधिकारी बनकर कॉल करना, केवाईसी अपडेट के नाम पर ठगी, और डिजिटल अरेस्ट जैसे तरीकों से लोगों से लाखों रुपये की ठगी की शिकायतें लगातार मिल रही थीं.

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, पिछले कई महीनों से इस क्षेत्र के खिलाफ साइबर अपराध की शिकायतें बढ़ रही थीं. तकनीकी सर्विलांस और स्थानीय इनपुट के आधार पर इन गांवों को चिन्हित किया गया. छापेमारी के दौरान कई मोबाइल फोन और बाइक भी बरामद की गई हैं, जिनकी जांच की जा रही है. जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों से बड़े नेटवर्क के खुलासे की उम्मीद जताई जा रही है.

400 पुलिसकर्मियों ने 12 घंटे तक चलाया था सर्च ऑपरेशन

गौरतलब है कि इससे पहले 11 दिसंबर 2025 को भी इसी क्षेत्र में 400 पुलिसकर्मियों ने करीब 12 घंटे तक सर्च ऑपरेशन चलाया था. उस कार्रवाई में 42 संदिग्धों की पहचान की गई थी, जिनमें से 37 को गिरफ्तार किया गया था. बावजूद इसके, साइबर ठगी का नेटवर्क पूरी तरह खत्म नहीं हो सका.

हिरासत में लिए गए युवकों से गहन पूछताछ की जा रही है. यदि इनके तार बड़े अंतरराज्यीय या अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह से जुड़े पाए जाते हैं, तो आगे और बड़ी कार्रवाई की जाएगी. पुलिस का कहना है कि साइबर अपराध पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे. फिलहाल पूरे इलाके में पुलिस की सतर्कता बढ़ा दी गई है और फरार आरोपियों की तलाश में दबिश जारी है.

रिपोर्टर- प्रेम कौशिक 

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