नोएडा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को उत्तर प्रदेश के जेवर में नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पहले चरण का उद्घाटन किया और इसे कनेक्टिविटी, रोजगार और आर्थिक विकास के लिए एक बड़ा बढ़ावा बताया. ये देश के सबसे महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में से एक है. इसने क्षेत्र के विकास को नई दिशा देने की उम्मीद जगा दी है.
इस अवसर पर योगी आदित्यनाथ और नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू भी मौजूद रहे. करीब 11,200 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह परियोजना एक आधुनिक मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित की गई है.
इस हवाई अड्डे को सड़क, रेल और मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने की योजना है, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी. शुरुआती चरण में यहां हर साल करीब 1.2 करोड़ यात्रियों के आने की क्षमता होगी, जिसे भविष्य में बढ़ाकर 7 करोड़ तक किया जा सकता है.
एयरपोर्ट में एक आधुनिक कार्गो हब भी विकसित किया गया है, जिसकी शुरुआती क्षमता करीब 2.5 लाख मीट्रिक टन सालाना है. इसे आगे बढ़ाकर 18 लाख मीट्रिक टन तक ले जाने की योजना है, जिससे व्यापार और निर्यात गतिविधियों को गति मिलेगी.
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह परियोजना नोएडा, आगरा, मथुरा, मेरठ और गाजियाबाद सहित पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास को तेज करेगी. इससे किसानों, छोटे व्यापारियों और युवाओं को नए अवसर मिलेंगे.
उन्होंने इस परियोजना को ‘विकसित यूपी, विकसित भारत’ अभियान का अहम हिस्सा बताया और कहा कि उत्तर प्रदेश अब अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों की संख्या के मामले में नेतृत्व करने वाला बन रहा है.
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि इस परियोजना को वर्षों तक लंबित रखा गया और पहले की सरकारों के दौरान यह केवल कागजों तक सीमित रही. उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार के प्रयासों से ही इसे गति मिली.
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार वैश्विक चुनौतियों के बावजूद देश की आर्थिक प्रगति को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है.
नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की शुरुआत से एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में कनेक्टिविटी, पर्यटन और निवेश के नए द्वार खुलने की उम्मीद है.