रूस ने फिर बरसाए ड्रोन, यूक्रेन की राजधानी कीव बनी निशाना

रूस और यूक्रेन के बीच तीन दिन का सीजफायर खत्म होते ही युद्ध फिर तेज हो गया. रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर ड्रोन हमला करते हुए एक रिहायशी इमारत को निशाना बनाया, जिससे इलाके में फिर तनाव बढ़ गया है.

Date Updated Last Updated : 12 May 2026, 09:40 AM IST
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Courtesy: X @Ahmedminz7, @FilonenkoOles

नई दिल्ली: रूस और यूक्रेन के बीच लागू तीन दिन का अस्थायी सीजफायर खत्म होते ही युद्ध ने फिर से तेज रफ्तार पकड़ ली है. रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर बड़ा ड्रोन हमला किया, जिसमें एक रिहायशी इमारत को निशाना बनाया गया. स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, 12 मई की रात रूसी सेना ने राजधानी पर दोबारा हमले शुरू कर दिए.

यह हमला ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका की मध्यस्थता से रूस और यूक्रेन के बीच कुछ दिनों के लिए अस्थायी युद्धविराम लागू किया गया था. सीजफायर खत्म होने के कुछ घंटों के भीतर ही कीव पर हमले शुरू हो गए, जिससे क्षेत्र में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है.

कीव में रिहायशी इलाके पर ड्रोन हमला

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रूस की ओर से किया गया हमला ड्रोन के जरिए किया गया. इस हमले में राजधानी की एक रिहायशी इमारत को निशाना बनाया गया.

हालांकि अब तक नुकसान का सटीक आंकड़ा सामने नहीं आया है, लेकिन रिपोर्ट्स में कहा गया है कि यह हमला रूस की पहले की रणनीति जैसा ही था, जिसमें यूक्रेन के शहरों और सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया जाता रहा है.

सीजफायर के दौरान नहीं हुई बड़ी एयरस्ट्राइक

तीन दिन के अस्थायी सीजफायर के दौरान दोनों देशों के बीच बड़े पैमाने पर एयरस्ट्राइक देखने को नहीं मिली. हालांकि यूक्रेनी एयर फोर्स ने दावा किया कि रूस ने ड्रोन लॉन्च किए और कब्जे वाले क्रीमिया क्षेत्र से एक इस्कंदर-M बैलिस्टिक मिसाइल भी दागी गई.

इसके बावजूद, युद्धविराम की अवधि के दौरान हालात अपेक्षाकृत शांत बने रहे थे.

अमेरिका फिर करा सकता है अस्थायी समझौता

रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई महीनों से रुकी रूस-यूक्रेन शांति वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए अमेरिका एक बार फिर सक्रिय हो गया है. जानकारी के अनुसार, मॉस्को के लिए कुछ प्रतिबंधों में राहत के बदले अमेरिका दोनों देशों के बीच अस्थायी सीजफायर समझौता कराने की कोशिश कर रहा है.

क्यों हुआ था तीन दिन का सीजफायर?

रूस और यूक्रेन के बीच तीन दिन का अस्थायी युद्धविराम मुख्य रूप से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता और रूस के विक्ट्री डे समारोह को ध्यान में रखते हुए लागू किया गया था.

यह सीजफायर 9 मई से 11 मई तक प्रभावी रहा. इस दौरान दोनों देशों के बीच 1000 युद्धबंदियों की अदला-बदली की भी बात कही गई थी. युद्धविराम का उद्देश्य दोनों पक्षों को सैन्य राहत देने के साथ-साथ कूटनीतिक बातचीत के लिए समय देना था.

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