PoK में विरोध प्रदर्शन के बीच दूध, दवा और राशन की कमी को लेकर बढ़ा संकट, भड़के लोग

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच हालात लगातार तनावपूर्ण होते जा रहे हैं. स्थानीय निवासियों, परिवहन कर्मियों और विपक्षी नेताओं का आरोप है कि प्रदर्शन प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बाधित हो रही है.

Date Updated Last Updated : 25 June 2026, 06:26 PM IST
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Courtesy: AI Generated

नई दिल्ली: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच हालात लगातार तनावपूर्ण होते जा रहे हैं. बता दें, पिछले दो सप्ताह से अधिक समय से विभिन्न मांगों को लेकर लोग सड़कों पर उतर रहे हैं. इस बीच क्षेत्र में खाद्य सामग्री, ईंधन और दवाओं की कमी की खबरों ने आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं. 

नेताओं पर लगाए गए आरोप 

स्थानीय निवासियों, परिवहन कर्मियों और विपक्षी नेताओं का आरोप है कि प्रदर्शन प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बाधित हो रही है. हालांकि प्रशासन किसी भी प्रकार की नाकेबंदी से इनकार कर रहा है, लेकिन कई इलाकों से जरूरी सामान की कमी की शिकायतें सामने आ रही हैं. यही वजह है कि  इससे लोगों के बीच असंतोष बढ़ता जा रहा है. 

बाजारों और व्यावसायिक गतिविधियों पर पड़ रहा असर 

बताया जा रहा है कि जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन और बंद के कारण पहले ही बाजारों और व्यावसायिक गतिविधियों पर असर पड़ा है. इसके चलते आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित होने से स्थिति भी मुश्किल हो गई है. इतना ही नहीं, कई क्षेत्रों में लोगों को दैनिक जरूरत का सामान जुटाने में कठिनाइयों का भी सामना करना पड़ रहा है. 

पेट्रोल और डीजल की कमी 

बता दें, मुजफ्फराबाद, पुंछ और अन्य प्रमुख इलाकों में पेट्रोल और डीजल की कमी की भी खबरें हैं. कई पेट्रोल पंप बंद पड़े हैं, जबकि कुछ स्थानों पर लोगों को अधिक कीमत देकर ईंधन खरीदना पड़ रहा है. इंटरनेट और संचार सेवाओं में व्यवधान की शिकायतों ने भी लोगों की परेशानियां बढ़ा दी है. स्थानीय निवासियों का कहना है कि राशन और दवाइयों की उपलब्धता प्रभावित हुई है. कुछ इलाकों में आटा और अन्य खाद्य पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है. लोगों का आरोप है कि बंद और आपूर्ति में रुकावट के कारण संकट लगातार गहरा रहा है.

विपक्षी पार्टी ने लगाया आरोप 

इस बीच पाकिस्तान की प्रमुख विपक्षी पार्टी ने भी प्रशासन पर आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही में बाधा डालने के आरोप लगाए हैं. पार्टी का कहना है कि इससे आम नागरिकों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. क्षेत्र में मौजूदा विवाद राजनीतिक प्रतिनिधित्व और चुनावी मुद्दों से जुड़ा हुआ है. 

सरकार द्वारा आंदोलनकारी संगठन पर प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद प्रदर्शन जारी हैं. मुजफ्फराबाद और रावलकोट सहित कई शहरों में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर रहे हैं, जिससे आने वाले दिनों में स्थिति और अधिक संवेदनशील होने की आशंका जताई जा रही है.

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