कानपुर लैंबॉर्गिनी एक्सीडेंट में तंबाकू बिजनेसमैन के आरोपी बेटे शिवम मिश्रा को मिली बेल, गिरफ्तारी के कुछ घंटे बाद ही जेल से छूटा

उत्तर प्रदेश के कानपुर में लैंबॉर्गिनी एक्सीडेंट को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है. तंबाकू बिजनेसमैन के आरोपी बेटे शिवम मिश्रा को गिरफ्तारी के कुछ घंटे बाद बेल मिल गई है.

Date Updated Last Updated : 12 February 2026, 05:09 PM IST
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कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में लैंबॉर्गिनी एक्सीडेंट को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है. तंबाकू बिजनेसमैन के आरोपी बेटे शिवम मिश्रा को गिरफ्तारी के कुछ घंटे बाद बेल मिल गई है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कानपुर पुलिस ने आरोपी शिवम मिश्रा के लिए 14 दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने बेल दे दी। आरोपी को 20,000 रुपए के बॉन्ड पर बेल दी गई है. पुलिस ने घटना के करीब चार दिन बाद कड़ी मशक्कत के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.

पुलिस पर लापरवाही का आरोप

शुरू में पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगा था, लेकिन बाद में आरोपी शिवम मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया. एक्सीडेंट के बाद बाउंसरों द्वारा लाइसेंस प्लेट छिपाने और लोगों को भगाने का एक वीडियो वायरल होने के बाद मामला और गरमा गया है. इस मामले की पुलिस गहनता से जांच कर रही है. साथ ही सीसीटीवी फुटेज को कई बार दोहरा कर देखा जा रहा है.

एक्सीडेंट की पूरी जानकारी

रविवार शाम को एक तेज रफ़्तार लैम्बोर्गिनी अचानक कंट्रोल से बाहर हो गई. इसने पहले एक ई-रिक्शा को टक्कर मारी, फिर एक बाइकर और एक पैदल यात्री को टक्कर मार दी. आखिर में कार सड़क किनारे बिजली के खंभे से टकरा गई. एक्सीडेंट में कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. उन्हें तुरंत हॉस्पिटल ले जाया गया. पुलिस का कहना है कि कार तेज रफ्तार से चल रही थी, जिससे उसका कंट्रोल खो गया.

ड्राइवर के बारे में अलग-अलग दावे

FIR में पुलिस ने शिवम मिश्रा को ड्राइवर बताया है. वायरल वीडियो में भी शिवम ड्राइवर सीट पर दिख रहा है. हालांकि, परिवार और बचाव पक्ष का दावा है कि कार मोहन लाल नाम का ड्राइवर चला रहा था. मोहन लाल ने मीडिया को बताया कि एक्सीडेंट के समय शिवम की तबीयत खराब हो गई और वह उन पर गिर गया, जिससे उनका बैलेंस बिगड़ गया. इस मामले की जांच चल रही है.

बाउंसरों का संदिग्ध व्यवहार

एक्सीडेंट के तुरंत बाद वायरल हुए एक वीडियो में बाउंसर शिवम की कार का पीछा करते हुए एक दूसरी कार से उतरते हुए दिखे. वे नंबर प्लेट हटाने या छिपाने की कोशिश करते दिखे. हाथ में वॉकी-टॉकी लिए बाउंसर भी लोगों को दूर हटने के लिए चिल्लाते हुए सुने गए. पुलिस का कहना है कि ये हरकतें अपनी पहचान छिपाने की कोशिश थीं, जिसकी जांच की जा रही है.

पुलिस का बयान

एक्सीडेंट के बाद ग्वालटोली थाने के इंचार्ज को लाइन अटैच कर दिया गया. अब पुलिस ने पांच टीमों के साथ मिलकर शिवम मिश्रा को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया है. गिरफ्तारी के बाद एक्सीडेंट के कारण कार की स्पीड, मौके के हालात और बाउंसरों की भूमिका की पूरी जांच की जाएगी. जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी.

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