नोएडाः नोएडा के सेक्टर 150 में कोहरे की रात एक होनहार टेक एक्सपर्ट की जान चली गई थी. इस हादसे के बाद पूरे देश में सन्नाटा छा गया. अब उत्तर प्रदेश सरकार एक्शन मोड में आयी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है. साथ ही नोएडा अथॉरिटी के सीईओ एम लोकेश को उनके पद से हटा दिया गया है.
घटना 16 जनवरी की देर रात की है गुरुग्राम के ऑफिस से काम खत्म कर 27 वर्षीय युवराज मेहता अपनी ग्रैंड विटारा कार से घर लौट रहे था. सर्दियों के घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी लगभग शून्य थी. सेक्टर 150 के पास उनकी कार अचानक सड़क से उतरकर एक खाली प्लॉट में बने पानी से भरे गहरे गड्ढे बेसमेंट में जा गिरी. उसके बाद जो हुआ उसने सबका दिल दहला कर रख दिया.
चश्मदीद मोहिंदर के मुताबिक, मंजर देख लोग हैरान रह गए. युवराज लगभग 1 घंटे 45 मिनट तक मदद के लिए चीखते रहा. उसने बार-बार गुहार लगाई, "प्लीज मुझे बचाओ, किसी भी तरह बाहर निकालो." पुलिस मौके पर पहुंची पर घने कोहरे, अंधेरे और पानी की गहराई के कारण बचाव कार्य में देरी हुई. पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पुष्टि की है कि युवराज की मौत पानी में डूबने से दम घुटने और उसके बाद कार्डियक अरेस्ट के कारण हुई.
योगी सरकार द्वारा गठित SIT की अगुवाई ADG मेरठ जोन करेंगे. इस टीम में मेरठ के कमिश्नर और PWD के चीफ इंजीनियर भी शामिल हैं. टीम को 5 दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है. जांच का मुख्य केंद्र यह है कि आखिर रिहायशी इलाके के पास इतना गहरा और असुरक्षित गड्ढा क्यों खुला छोड़ा गया था.
युवराज के पिता ने पुलिस शिकायत में गंभीर आरोप लगाए हैं. उनके अनुसार सेक्टर 150 के निवासियों ने कई बार नोएडा अथॉरिटी से शिकायत की थी कि नाले और गड्ढों के पास बैरिकेड्स और रिफ्लेक्टर लगाए जाएं, लेकिन अधिकारियों ने इसे अनसुना कर दिया. पुलिस का कहना है कि गड्ढे की बाउंड्री वॉल कई जगहों से टूटी हुई थी, जो हादसे का बड़ा कारण बनी.