मकर संक्रांति पर संगम में उमड़ा आस्था का सैलाब, सूर्योदय से पहले लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी

मकर संक्रांति के पावन अवसर पर आज बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रयागराज के पवित्र संगम स्थल पर पहुंचे. सूर्योदय होने से पहले ही लाखों भक्तगणों ने त्रिवेणी में डुबकी लगाई. इस अवसर पर देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु आए.

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Courtesy: Pinterest

प्रयागराज: मकर संक्रांति के पावन अवसर पर आज बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रयागराज के पवित्र संगम स्थल पर पहुंचे. श्रद्धालुओं ने इस पावन अवसर पर आस्था की डुबकी लगाई. पर्व को आज मानते हुए भोर से ही संगम और अन्य स्नान घाटों पर लोगों की भीड़ उमड़ने लगी थी. सुबह का मौसम पूरी तरह साफ रहा और कोहरे की कोई परेशानी नहीं थी, जिसका लाभ उठाकर देश के अलग-अलग हिस्सों से आए श्रद्धालुओं ने सहज रूप से स्नान किया.

दो लाख श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी

सुबह होते-होते संगम क्षेत्र में भक्तों का तांता लगा रहा. सुबह के समय भक्तों की संख्या तेजी से बढ़ती गई. अनुमान के अनुसार सुबह सात बजे तक करीब दो लाख श्रद्धालु स्नान कर चुके थे, हालांकि प्रशासन की ओर से आधिकारिक आंकड़े बाद में जारी किए जाएंगे. अभी इसका कोई फिक्स आंकड़ा नहीं है. भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया. हर घाट पर पुलिसकर्मी अपनी टीम के साथ तैनात रहे और श्रद्धालुओं को सुरक्षित तरीके से स्नान कराने में जुटे रहे.

संगम तट पर गूंजा 'ॐ सूर्याय नमः' मंत्र
 
जैसे ही भोर का अंधेरा छटा और सूरज की पहली किरणें दिखाई दीं, माहौल और भी भक्तिमय हो गया. भक्तगण भगवान सूर्यदेव की लालिमा देखते ही उत्साहित हो गए. इसके बाद श्रद्धालुओं में और श्रद्धा भाव बढ़ गया. लोगों ने सूर्य को जल अर्पित किया और “ॐ सूर्याय नमः” का जाप करते हुए पवित्र संगम में स्नान किया. चारों ओर मंत्रोच्चार और आस्था की भावना से वातावरण गूंज उठा.

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

आज के इस अहम स्नान पर प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा का इंतजाम किया था. संगम नोज पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी सुबह से ही मौजूद थे. वे लगातार निगरानी करते रहे और स्नान के बाद घाट खाली कराने के निर्देश भी देते रहे, ताकि अन्य श्रद्धालुओं को भी आसानी से स्नान का अवसर मिल सके और साथ ही किसी भी प्रकार की कोई भी असुविधा न हो सके. प्रशासन की सतर्कता के चलते सुबह का पूरा स्नान शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ.