शुक्रवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को बरी करते हुए कहा कि उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है और आरोप साबित नहीं हुए हैं. इसके बाद अन्ना हजारे का बयान आया है.
राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली एक्साइज पॉलिसी शराब घोटाले में अपना फैसला सुनाते हुए दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और के. कविता समेत सभी 23 आरोपियों को बरी कर दिया. सोशल एक्टिविस्ट अन्ना हजारे ने कोर्ट द्वारा अरविंद केजरीवाल को बरी किए जाने पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.
अन्ना हजारे ने कहा कि कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है. वह बेगुनाह साबित हुए हैं और अब सभी को कोर्ट का फैसला माननाचाहिए. 2011 के एंटी-करप्शन मूवमेंट में अपने साथी अरविंद केजरीवाल के बरी होने पर अन्ना हजारे ने कहा, "हमारा देश अपने ज्यूडिशियल और सिक्योरिटी सिस्टम के दम पर चलता है. इतने बड़े देश में अलग-अलग पार्टियां, जातियां, धर्म और कम्युनिटी होने के बावजूद, यह ज्यूडिशियरी की वजह से है." इसके बिना अराजकता और अशांति फैलेगी. अब जब कोर्ट ने फैसला दिया है कि अरविंद केजरीवाल दोषी नहीं हैं, तो इसे मानना ही होगा.
VIDEO | As the Rouse Avenue Court discharges former Delhi CM Arvind Kejriwal and his deputy Manish Sisodia in the excise policy case, social activist Anna Hazare says, “Our country runs on the strength of its judicial and security systems. Despite being such a large nation with… pic.twitter.com/xpBCMf7s7m
— Press Trust of India (@PTI_News) February 27, 2026
उनसे पूछा गया कि उन्होंने पहले अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी पर सवाल उठाए थे और इस स्कैम को मॉडर्न इंडिया का सबसे बड़ा स्कैम कहा था, तो अन्ना हजारे ने जवाब दिया, "मैंने अरविंद केजरीवाल के बारे में पहले जो कुछ भी कहा, वह ज्यूडिशियल सिस्टम का फैसला नहीं था. अब जब ज्यूडिशियल सिस्टम ने फैसला दिया है कि वह दोषी नहीं हैं, तो हमें इसे मानना ही होगा. अगर उस समय ज्यूडिशियल सिस्टम ने फैसला दिया होता, तो हम यह नहीं कहते."
शुक्रवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को यह कहते हुए बरी कर दिया कि उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है और आरोप साबित नहीं हुए हैं. CBI ने साज़िश बनाने की कोशिश की, लेकिन उसकी थ्योरी पक्के सबूतों के बजाय अंदाजे पर आधारित थी.
कोर्ट के फैसले के बारे में मनीष सिसोदिया ने कहा, "हमें एक बार फिर अपने संविधान और बी.आर. अंबेडकर पर गर्व है, जिन्होंने हमें संविधान दिया. सच की एक बार फिर जीत हुई है."
राउज एवेन्यू कोर्ट के फैसले के ठीक छह घंटे बाद, CBI ने फैसले को चुनौती देते हुए और इसे रद्द करने की मांग करते हुए हाई कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया.