नए वीडियो में CJP संस्थापक अभिजीत दीपके का बड़ा संदेश, कहा- 'ये सिर्फ शुरुआत है'

सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने देशवासियों के नाम एक भावुक वीडियो संदेश जारी किया. इस संदेश में उन्होंने लगातार समर्थन देने वाले सहयोगियों का आभार व्यक्त किया और यह स्पष्ट किया कि इस आंदोलन का अंत नहीं, बल्कि देश की व्यवस्था को बदलने की एक नई शुरुआत है.

Date Updated Last Updated : 26 July 2026, 12:50 PM IST
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Courtesy: X (@Cockroachisback)

नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और केंद्र सरकार द्वारा मांगें मान लिए जाने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने जंतर-मंतर पर चला आ रहा अपना 37 दिवसीय ऐतिहासिक आंदोलन आधिकारिक तौर पर समाप्त कर दिया है. इसके ठीक एक दिन बाद रविवार सुबह सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने देशवासियों के नाम एक भावुक वीडियो संदेश जारी किया. इस संदेश में उन्होंने लगातार समर्थन देने वाले सहयोगियों का आभार व्यक्त किया और यह स्पष्ट किया कि इस आंदोलन का अंत नहीं, बल्कि देश की व्यवस्था को बदलने की एक नई शुरुआत है.

बिना तनाव के गहरी नींद सो सका

रविवार सुबह जारी वीडियो संदेश में अभिजीत दीपके काफी राहत महसूस करते दिखे. अपने संबोधन की शुरुआत उन्होंने समर्थकों का अभिवादन करते हुए की. दीपके ने कहा, 'हेलो एवरीवन, गुड मॉर्निंग. आज सच में बहुत अच्छा लग रहा है. आखिरकार 37 दिनों के लंबे अंतराल के बाद मैं अपने बेडरूम में बिना किसी मानसिक दबाव के चैन की नींद सो पाया. आज सुबह जब मेरी आंख खुली, तो मेरे मन में यह चिंता नहीं थी कि आगे क्या करना है, या आज शाम तक क्या परिस्थितियां बनेंगी. अब कोई घबराहट नहीं है.'

नई चुनौती का सामना करना पड़ा

उन्होंने कहा कि पिछले 37 दिन उनके और उनकी पूरी टीम के लिए बेहद कठिन और चुनौतीपूर्ण रहे. आंदोलन के दौरान हर पल एक नई चुनौती का सामना करना पड़ रहा था, लेकिन टीम के अटूट हौसले ने इस संघर्ष को मुकाम तक पहुंचाया.

समर्थकों का जताया आभार

देशभर में फैले अपने समर्थकों को धन्यवाद देते हुए दीपके ने कहा, मैं कॉकरोच जनता पार्टी के हर उस कार्यकर्ता और समर्थक का दिल से शुक्रिया अदा करता हूं, जिन्होंने उस समय हमारा साथ दिया जब लोग हम पर संदेह कर रहे थे. आप सभी के विश्वास के बिना यह जीत हासिल करना असंभव था.

दीपके ने मांगी माफी

दीपके ने उन आंदोलनकारियों से विशेष रूप से माफी भी मांगी, जिनसे वे धरना खत्म होने के तुरंत बाद जंतर-मंतर पर व्यक्तिगत रूप से नहीं मिल सके थे. उन्होंने अपनी सेहत का हवाला देते हुए बताया कि अत्यधिक शारीरिक थकान और टाइफाइड के कारण उनका बुखार 101 डिग्री तक पहुंच गया था. स्वास्थ्य बिगड़ने की वजह से उन्हें अचानक धरना स्थल छोड़कर घर लौटना पड़ा था.

प्रदर्शनकारियों के जज्बे को सलाम

जंतर-मंतर पर लगातार 37 दिनों तक डटे रहने वाले युवाओं और प्रदर्शनकारियों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि देश के प्रति उनका यह समर्पण हमेशा याद रखा जाएगा. दीपके ने दोहराया कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और केंद्र द्वारा किसी भी प्रदर्शनकारी पर कार्रवाई न करने के लिखित आश्वासन के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सबसे ऊपर है. उन्होंने साफ किया कि यह केवल पहला पड़ाव है और सीजेपी युवाओं से जुड़े मुद्दों पर अपनी लड़ाई जारी रखेगी.

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