शिक्षा मंत्री बनते ही प्रल्हाद जोशी के सामने बड़ी परीक्षा, NEET और नई शिक्षा नीति पर रहेंगी सबकी नजर

प्रल्हाद जोशी को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है. छात्र राजनीति से शुरुआत करने वाले जोशी आज भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं और कई अहम केंद्रीय मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं.

Date Updated Last Updated : 26 July 2026, 09:36 AM IST
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Courtesy: x @choga_don

नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी दिए जाने के बाद एक बार फिर उनकी राजनीतिक यात्रा चर्चा में है. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सरकार ने यह अहम जिम्मेदारी प्रल्हाद जोशी को सौंपी है. लंबे राजनीतिक अनुभव और संगठन में मजबूत पकड़ के कारण उन्हें भाजपा के भरोसेमंद नेताओं में गिना जाता है.

छात्र राजनीति से शुरू हुआ सफर

प्रल्हाद जोशी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत छात्र राजनीति और सामाजिक गतिविधियों से की. कर्नाटक में संगठन के स्तर पर सक्रिय रहते हुए उन्होंने भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के साथ लंबे समय तक काम किया. संगठन में उनकी सक्रिय भूमिका ने उन्हें धीरे-धीरे राष्ट्रीय राजनीति तक पहुंचाया.

धारवाड़ से लगातार जीतते रहे चुनाव

प्रल्हाद जोशी कर्नाटक की धारवाड़ लोकसभा सीट से कई बार सांसद चुने जा चुके हैं. लगातार चुनाव जीतकर उन्होंने अपने क्षेत्र में मजबूत जनाधार बनाया. वर्ष 2014 में जब नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार सत्ता में आई, तब जोशी लगातार तीसरी बार लोकसभा पहुंचे. इसके बाद भी उन्होंने अपनी लोकप्रियता बरकरार रखी और केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं.

कई अहम मंत्रालयों की संभाल चुके हैं जिम्मेदारी

वर्तमान में प्रल्हाद जोशी उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय का कार्यभार संभाल रहे हैं. इससे पहले वह कोयला, खान और संसदीय कार्य मंत्री भी रह चुके हैं. संसदीय कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने में उनकी भूमिका की अक्सर सराहना की जाती रही है.

शिक्षा मंत्रालय की मिली अतिरिक्त जिम्मेदारी

शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी ऐसे समय में मिली है जब परीक्षा से जुड़े विवाद और पेपर लीक के मुद्दे देशभर में चर्चा का विषय बने हुए हैं. हाल ही में प्रल्हाद जोशी ने कहा था कि केंद्र सरकार छात्रों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

छात्रों के हितों को बताया सरकार की प्राथमिकता

प्रल्हाद जोशी ने स्पष्ट कहा कि मोदी सरकार हमेशा छात्रों और युवाओं के साथ खड़ी रही है. उनका कहना है कि शिक्षा व्यवस्था को अधिक मजबूत, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है. शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी मिलने के बाद अब उनसे शिक्षा क्षेत्र में कई अहम फैसलों की उम्मीद की जा रही है.

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