नोएडा: कांवड़ यात्रा को देखते हुए गौतमबुद्ध नगर प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा व यातायात को लेकर व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं. श्रद्धालुओं की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए जिले में विशेष ट्रैफिक प्लान लागू कर दिया गया है. इस बार सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित कैमरों, ड्रोन और आधुनिक निगरानी प्रणाली का सहारा लिया जा रहा है.
AI कैमरों से होगी निगरानी और गिनती
पुलिस ने कांवड़ मार्गों पर करीब 3,000 सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं, जिनमें कई AI आधारित कैमरे भी शामिल हैं. इन कैमरों के जरिए संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के साथ-साथ कांवड़ियों की गिनती भी की जाएगी. कंट्रोल रूम से पुलिस और ट्रैफिक विभाग लगातार इन कैमरों की मॉनिटरिंग करेंगे, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके.
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए 30 ड्रोन तैनात किए गए हैं. इनमें टीथर्ड ड्रोन भी शामिल हैं, जो एक बार में 8 से 10 किलोमीटर तक के क्षेत्र की निगरानी कर सकते हैं. इसके अलावा कांवड़ मार्गों पर श्रद्धालुओं का स्वागत पुष्प वर्षा के जरिए भी किया जाएगा.
गौतमबुद्ध नगर में कुल 334 किलोमीटर लंबे 14 कांवड़ मार्ग बनाए गए हैं. पूरे जिले को 20 जोन और 60 सेक्टर में बांटा गया है. इन सभी क्षेत्रों में करीब 2,500 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है. पुलिस अधिकारी लगातार कांवड़ शिविरों और मार्गों का निरीक्षण कर रहे हैं तथा सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रहे हैं.
कांवड़ यात्रा के दौरान यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है. 11 अगस्त तक शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी. कई मार्गों पर हल्के मालवाहक वाहनों की आवाजाही भी सीमित रहेगी. गाजियाबाद से बुलंदशहर, हापुड़ और मुरादाबाद की ओर जाने वाले वाहनों को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से भेजा जाएगा.
पुलिस का कहना है कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. सभी अधिकारियों और जवानों को सतर्क रहने, हर गतिविधि पर नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सके.