पटना: बिहार में लगातार बेलगाम होते अपराधियों ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ाते हुए एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी को अपना शिकार बनाया है। रोहतास जिले के डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद में तैनात कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) विमल कुमार की औरंगाबाद जिले में कार रोककर अपराधियों ने बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी। शनिवार देर रात घटी इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद से पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अधिकारी के ड्राइवर को संदिग्ध भूमिका के आधार पर हिरासत में ले लिया है, जिससे गहन पूछताछ की जा रही है।
यह सनसनीखेज वारदात उस वक्त हुई जब कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार डेहरी स्थित अपने कार्यालय से कामकाज निपटाकर पटना अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान औरंगाबाद जिले के बारुण थाना क्षेत्र के धनौती पुल के पास घात लगाए बदमाशों ने उनकी कार को ओवरटेक कर जबरन रोक लिया।
इसके बाद अपराधियों ने विमल कुमार को गाड़ी से खींचकर बाहर निकाला और धारदार हथियारों से वार करते हुए बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। गंभीर हालत में उन्हें तुरंत जमुहार स्थित नारायण मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद पुलिस की जांच की सुई सबसे पहले गाड़ी चला रहे ड्राइवर मिथिलेश कुमार पर जाकर टिक गई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जिस जानलेवा हमले में विमल कुमार की दर्दनाक मौत हो गई, उसमें घटनास्थल पर मौजूद होने के बावजूद ड्राइवर को एक भी खरोंच तक नहीं आई। इसी संदिग्ध आचरण के आधार पर औरंगाबाद पुलिस ने ड्राइवर मिथिलेश को तुरंत गिरफ्तार कर लिया। रोहतास के जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा ने बताया कि औरंगाबाद और रोहतास पुलिस की संयुक्त टीम तकनीकी साक्ष्यों और फॉरेंसिक सबूतों के आधार पर सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है।
इस प्रशासनिक अधिकारी की निर्मम हत्या के बाद से राज्य के निकाय अधिकारियों में भारी रोष हो गया है। इस घटना के विरोध में बिहार नगर सेवा संघ ने 2 अगस्त से राज्यभर के सभी नगर कार्यपालक अधिकारियों के हड़ताल पर जाने का ऐलान कर दिया है। अपराधियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग को लेकर उठ रही इस आवाज ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर भारी दबाव बना दिया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अधिकारी के ड्राइवर को संदिग्ध भूमिका के आधार पर हिरासत में ले लिया है, जिससे गहन पूछताछ की जा रही है।